कोरबा, 23 फरवरी 2026 प्रणय मिश्रा cg news hub
भौगोलिक विषमताओं से भरे भारत में दूरस्थ और पठारी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या लंबे समय से चुनौती बनी रही है। लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन ने अब इन चुनौतियों को अवसर में बदलना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कोरबा जिले का सुदूर ग्राम मांगामार अब ‘हर घर जल’ की दिशा में पूर्णतः सशक्त हो चुका है।
जिला मुख्यालय से लगभग 53 किलोमीटर दूर स्थित लगभग ढाई हजार की आबादी वाले ग्राम मांगामार में 1 करोड़ 45 लाख 34 हजार रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग योजना क्रियान्वित की गई है। योजना के तहत उच्च स्तरीय पानी टंकी स्थापित कर 3700 मीटर पाइपलाइन बिछाई गई तथा 522 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। अब गांव के प्रत्येक घर तक नियमित रूप से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है।
गर्मियों में विकराल हो जाती थी समस्या
ग्राम की श्रीमती समारिन बाई खाण्डेल बताती हैं कि पहले पेयजल के लिए हैंडपंप और कुओं पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में भू-जल स्तर नीचे चला जाता था, जिससे पानी की किल्लत और बढ़ जाती थी। सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं और महिलाओं को घर के कामकाज के साथ घंटों पानी ढोना पड़ता था।
अब बदली दिनचर्या, मिली राहत
‘हर घर जल’ सुविधा मिलने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रत्येक घर में नल कनेक्शन से नियमित जल आपूर्ति हो रही है। इससे जल संकट समाप्त होने के साथ ही महिलाओं की दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव आया है।
अब महिलाओं को दूर-दूर तक पानी लाने की मजबूरी नहीं रही। वे अपना समय परिवार, बच्चों की पढ़ाई और आयवर्धक कार्यों में लगा पा रही हैं। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से जलजनित बीमारियों का खतरा भी कम हुआ है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार देखा जा रहा है।
दूरस्थ अंचलों में विकास की नई धारा
जल जीवन मिशन ने मांगामार जैसे सुदूर गांव में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराकर विकास की नई इबारत लिखी है। अब बारहों महीने ग्रामीणों को घर पर ही शुद्ध पानी मिल रहा है और हैंडपंपों पर निर्भरता समाप्त हो चुकी है।
यह योजना न केवल पेयजल उपलब्ध करा रही है, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में स्थायी सुधार लाते हुए महिलाओं और पूरे समुदाय के जीवन को आसान बना रही है।



