छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक वृहद सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सरकार की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग मिल रहा है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान दे पा रही हैं। यह पहल महिलाओं के आत्मसम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
कार्यक्रम के दौरान बस्तर संभाग में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटी नक्सली महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विशेष पहल की जाएगी। इन्हें लखपति दीदी योजना के तहत छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से एक-एक लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai द्वारा इन महिलाओं को ‘लक्ष्मी-सखी मिलेट किट’ भी प्रदान की जाएगी। महिलाओं को मोटे अनाज (मिलेट) से बने खाद्य उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya के सहयोग से दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं मिलेट आधारित उत्पाद बनाकर उनका विपणन कर सकेंगी और अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगी।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं, स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राही शामिल होंगी। यह आयोजन प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



