बांकी मोंगरा (ढप ढप) में पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी की बहुप्रतीक्षित हनुमंत कथा का प्रथम दिवस अत्यंत भव्य और श्रद्धामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। लंबे समय से इंतजार कर रहे हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ ने कथा स्थल को आस्था के महासागर में परिवर्तित कर दिया।
कथा के प्रारंभ होते ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु सुबह से ही कथा स्थल पर पहुंचने लगे थे, जिससे पूरा परिसर “जय श्री राम” और “बागेश्वर धाम सरकार की जय” के उद्घोषों से गूंज उठा।
अपने ओजस्वी और प्रभावशाली प्रवचन में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने सुंदरकांड की महत्ता को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि सुंदरकांड न केवल संकटों से मुक्ति दिलाता है, बल्कि जीवन में आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।
इस दौरान उन्होंने धर्मांतरण के विषय पर भी अपनी बात रखते हुए सनातन धर्म की रक्षा और घर वापसी पर जोर दिया। उनके विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं में नई चेतना और उत्साह का संचार किया।
पूरे कार्यक्रम में भक्तों की गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला। कथा स्थल पर व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित रही, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
हनुमंत कथा का यह भव्य आयोजन आगामी दिनों में और भी आध्यात्मिक ऊंचाइयों को छूने की उम्मीद के साथ जारी रहेगा। हनुमंत कथा प्रतिदिन 3.00 बजे दोपहर संध्या 6.00 बजे तक चलेगी।



