
भारत में जनगणना-2026 का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। इस चरण में नागरिकों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान, परिवार, बुनियादी सुविधाएं और आर्थिक स्थिति से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल होंगी।
सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है, जहां लोग खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
जनगणना में एक बड़ा बदलाव यह है कि अब स्थायी रूप से साथ रहने वाले लिव-इन कपल को भी शादीशुदा का दर्जा दिया जाएगा। हालांकि इसके लिए संबंधित जोड़े को अपने रिश्ते को दीर्घकालिक मानकर स्वीकार करना होगा।
पूरी जनगणना प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में “हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना” के तहत घरों और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी। वहीं दूसरे चरण में आबादी से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी।
इसका मुख्य उद्देश्य देश की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन कर सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
इन 33 सवालों में मकान नंबर, निर्माण सामग्री, उपयोग, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार प्रमुख का नाम और लिंग, जाति-जनजाति की जानकारी, घर का स्वामित्व, कमरों की संख्या, पानी-बिजली-शौचालय जैसी सुविधाएं, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, मोबाइल, इंटरनेट, टीवी और वाहन जैसी जानकारियां शामिल होंगी।
जनगणना-2026 को देश की विकास योजनाओं के लिए अहम आधार माना जा रहा है, जिससे सरकार को जमीनी हकीकत के अनुसार निर्णय लेने में मदद

