कोरबा, 6 अप्रैल।
भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर जहां पूरे देश में उत्साह और एकजुटता का संदेश दिया गया, वहीं कोरबा जिले के बांकीमोंगरा मंडल में आयोजन के बीच आंतरिक मतभेद की चर्चाएं तेज हो गईं।
मंडल अध्यक्ष उदय शर्मा के नेतृत्व में बांकीमोंगरा में स्थापना दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया गया। कार्यकर्ताओं की उपस्थिति और उत्साह भी देखने लायक रहा।
हालांकि, इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी की गैरमौजूदगी को लेकर रही। जानकारी के अनुसार, वे उसी समय बांकीमोंगरा क्षेत्र में ही मौजूद थे, लेकिन पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय एक निजी भूमिपूजन कार्यक्रम में व्यस्त रहे। उनके साथ कुछ अन्य वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद बताए गए।
कार्यकर्ताओं में उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद कार्यकर्ताओं के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
क्या जिला नेतृत्व को कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं मिला था?
यदि निमंत्रण था, तो स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई?
क्या संगठन के भीतर तालमेल की कमी या पुरानी खींचतान असर डाल रही है?
इन सवालों ने कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
एकजुटता पर असर की आशंका
स्थापना दिवस जैसे अवसर पर, जब पार्टी देशभर में अपनी एकता का प्रदर्शन करती है, बांकीमोंगरा की यह स्थिति स्थानीय स्तर पर अलग संदेश देती नजर आई। जिला अध्यक्ष का क्षेत्र में रहते हुए भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखना, अंदरूनी मतभेद की ओर संकेत माना जा रहा है।
अभी तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान
इस पूरे मामले में न तो जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आई है और न ही मंडल अध्यक्ष उदय शर्मा ने इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कुछ कहा है।
फिलहाल, बांकीमोंगरा में दो अलग-अलग आयोजनों के बीच दिखी यह दूरी चर्चा का विषय बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि संगठन इस स्थिति को किस तरह संभालता है और क्या कार्यकर्ताओं के बीच उठे सवालों का समाधान हो पाता है।









