कोरबा, 06 अप्रैल 2026। खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने जिले में उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। उप संचालक कृषि, जिला कोरबा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, बीज अधिनियम 1966 तथा कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत जिले के सभी विक्रेताओं की दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, लाइसेंस एवं भंडारण की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है।
हाल ही में उर्वरक निरीक्षकों द्वारा जिले की तीन दुकानों का निरीक्षण किया गया, जहां अनियमितता पाए जाने पर एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित किया गया है, जबकि अन्य मामलों में जांच जारी है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
किसानों से अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक केवल अधिकृत विक्रेताओं से निर्धारित दर पर ही खरीदें और पक्की रसीद अवश्य लें। किसी भी प्रकार की शिकायत या गड़बड़ी की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
उप संचालक कृषि ने बताया कि यदि कोई विक्रेता नकली या अवैध सामग्री बेचता पाया गया, या किसानों को बिल देने से इंकार करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले में गठित उड़नदस्ता दल द्वारा भी समय-समय पर आकस्मिक जांच की जाएगी।
कृषि विभाग की इस पहल से खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री मिलने और कालाबाजारी पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।


