

नई दिल्ली, 09 अप्रैल 2026।
नरेन्द्र मोदी ने विधायी निकायों में महिलाओं के आरक्षण को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने इस विषय पर लिखे अपने लेख की प्रमुख बातें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा कीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण का मुद्दा केवल कानून बनाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की नारी शक्ति की उम्मीदों और सपनों का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना ही भारत के समग्र विकास का आधार है।
उन्होंने अपने संदेश में लोगों से अपील की कि सभी मिलकर संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करें और महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अवसर दें।
प्रधानमंत्री के अनुसार, जब महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में उचित भागीदारी मिलेगी, तब देश और तेजी से प्रगति करेगा।
यह पूरा विषय उनके द्वारा लिखे गए संपादकीय लेख पर आधारित है, जिसकी मुख्य बातों को उन्होंने एक श्रृंखला (थ्रेड) के माध्यम से साझा किया है।

