कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर दिए निर्देश, 25 मार्च तक खेतों की जांच के आदेश
कोरबा, 13 मार्च 2026।
जिले के मसाहती ग्रामों में चल रहे सर्वे कार्य को लेकर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने शुक्रवार को तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की बैठक लेकर समीक्षा की। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी मसाहती ग्रामों का सर्वे दो माह के भीतर पूर्ण कर लिया जाए तथा सर्वे का प्रारंभिक और अंतिम प्रकाशन चरणबद्ध तरीके से कर भुइयां पोर्टल में समयबद्ध अपलोड किया जाए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि मसाहती ग्रामों का सर्वे पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित ढंग से किया जाए, ताकि भविष्य में शासन की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए भूमि उपयोग में किसी प्रकार की समस्या न आए। उन्होंने निर्देश दिया कि सर्वे के बाद अंतिम प्रकाशन कर भुइयां पोर्टल में रिकॉर्ड अपडेट किया जाए और इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि मसाहती ग्रामों की मिसल का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाए और सर्वे के दौरान कोई भी कृषक या ग्रामवासी प्रारंभिक प्रकाशन से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि यह शासन की उच्च प्राथमिकता वाला कार्य है, जिससे भूमि विवाद, सीमांकन विवाद और रिकॉर्ड संबंधी समस्याओं का समाधान होगा।
जिले में कुल 113 मसाहती ग्राम हैं। इनमें से 20 ग्रामों का प्रारंभिक प्रकाशन तथा 13 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन हो चुका है, जबकि छह ग्रामों में अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया जारी है। कलेक्टर द्वारा नियमित रूप से राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर सर्वे कार्य की प्रगति की समीक्षा की जा रही है, ताकि दावे-आपत्तियों के बाद अंतिम प्रकाशन जल्द पूरा हो सके और भूमि रिकॉर्ड अद्यतन किए जा सकें।
बैठक में निगमायुक्त श्री आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, डिप्टी कलेक्टर श्री तुलाराम भारद्वाज, अधीक्षक भू-अभिलेख सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी उपस्थित रहे।
मादक फसलों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले में मादक पदार्थों से जुड़ी फसलों की खेती पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को 25 मार्च तक विशेष अभियान चलाकर खेतों की जांच करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व टीम नियमित भ्रमण करे तथा फार्म हाउस या बाउंड्रीवाल के भीतर ली जा रही फसलों की भी जांच करे। यदि कहीं मादक फसल पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट (एनडीपीएस) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि कहीं इस प्रकार की फसल की खेती की जा रही हो तो उसकी सूचना प्रशासन को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।



