

संवाददाता: अनुज पाठक
हैदराबाद। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 से 50 दिन पूर्व मोतियों की नगरी हैदराबाद में आयोजित योग महोत्सव ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। कान्हा शांति वनम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 6,000 से अधिक लोगों ने एक साथ भुजंगासन कर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। यह आयोजन आयुष मंत्रालय के अंतर्गत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में देश-विदेश से आए हजारों योग प्रेमियों ने भाग लिया, जिसमें 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। सामूहिक योग अभ्यास ने न केवल एक नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि योग के माध्यम से वैश्विक एकता और स्वास्थ्य का संदेश भी दिया।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर होने के साथ-साथ आज पूरी मानवता के लिए एक अनमोल उपहार बन चुका है। उन्होंने कहा कि “2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित समाज जरूरी है, जिसमें योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।” उन्होंने हैदराबाद को योग और समग्र स्वास्थ्य का वैश्विक केंद्र बनाने पर भी जोर दिया।
वहीं आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है, जो शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन को मजबूत करता है। उन्होंने ‘योग 365’ अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य लोगों को प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित करना है।
इस दौरान 100 दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी घोषणा की गई, जिसमें एक लाख से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रतिभागियों को “योग मित्र” प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्थान के अध्यक्ष कमलेश डी. पटेल (दाजी) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। योग सत्र के बाद ध्यान (मेडिटेशन) का विशेष आयोजन भी किया गया, जिसने प्रतिभागियों को मानसिक शांति का अनुभव कराया।
योग महोत्सव का एक और आकर्षण सामान्य योग प्रणाली (CYP) का सामूहिक प्रदर्शन रहा, वहीं कोरियाई टीम द्वारा प्रस्तुत योगा फ्यूजन और नाट्ययोग ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भी जोड़े।
आयोजकों ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की कड़ी में अगला योग महोत्सव मध्य प्रदेश के खजुराहो में आयोजित किया जाएगा।
निष्कर्ष:
हैदराबाद में आयोजित यह योग महोत्सव न केवल एक रिकॉर्ड बनाने का मंच बना, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि योग आज पूरी दुनिया को जोड़ने वाली शक्ति बन चुका है। भारत सरकार की यह पहल स्वास्थ्य, संतुलन और एकता की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

