Saturday, August 22, 2026
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Economic Times World Leaders Forum 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—रिफॉर्म हमारी मजबूरी नहीं, प्रतिबद्धता है

नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 अगस्त 2026 को आयोजित Economic Times World Leaders Forum 2026 में भारत के विकास, आर्थिक सुधारों, सुशासन, तकनीकी बदलाव और Ease of Living को लेकर सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज दुनिया का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है और ऐसे समय में Shared Future की भावना पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से साझा भविष्य की भावना के साथ आगे बढ़ा है। भारत की G-20 अध्यक्षता के दौरान दिया गया मंत्र “One Earth, One Family, One Future” इसी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की अनेक वैश्विक चुनौतियों का समाधान साझा जिम्मेदारी और सहयोग की भावना से ही संभव है।

भारत को दुनिया Growth और Hope के Bright Spot के रूप में देख रही है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया में विकास को लेकर कई चिंताएं हैं। संसाधनों का हथियारीकरण और अविश्वास का वातावरण नई चुनौतियां पैदा कर रहा है। इसके बावजूद दुनिया भारत को Growth और Hope के Bright Spot के रूप में देख रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में भारत ने करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता हासिल की है। IMF के पूर्वानुमान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आने वाले समय में भी दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

PLI से Production बढ़ाने को मिला प्रोत्साहन

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में PLI यानी Production Linked Incentive योजना का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने पुराने लाइसेंस राज की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले अधिक उत्पादन करने पर कंपनियों को दंडित किए जाने जैसी व्यवस्था थी, जबकि आज सरकार उत्पादन बढ़ाने पर प्रोत्साहन दे रही है।

उन्होंने PLI योजना के आंकड़े बताते हुए कहा कि इसके तहत करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश, 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन एवं बिक्री और 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है। इसके माध्यम से 14 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े केवल एक योजना के हैं और इससे भारत की बदली हुई आर्थिक सोच का अंदाजा लगाया जा सकता है।

“Reforms Compulsion नहीं, Commitment हैं”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में तेज विकास और सुधारों के पीछे राजनीतिक स्थिरता तथा नीतियों में निरंतरता महत्वपूर्ण कारण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सुधारों के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार की सोच अब “Prohibited unless permitted” से बदलकर “Permitted unless prohibited” की ओर बढ़ रही है। इसका अर्थ है कि जिस कार्य को कानून ने स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित नहीं किया है, उसके लिए हर कदम पर सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार और नागरिकों के बीच संबंध का आधार संदेह नहीं बल्कि विश्वास होना चाहिए।

40 हजार से अधिक Compliance हटाए गए

प्रधानमंत्री ने जन विश्वास कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि हर प्रक्रियागत गलती को आपराधिक अपराध मानना उचित नहीं है। इसलिए अनेक अपराधों को Decriminalise किया गया है और कई मामलों में जेल के स्थान पर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में 40 हजार से अधिक Compliances समाप्त किए गए हैं तथा 1,500 से अधिक पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को खत्म किया गया है। इससे उद्योग और कारोबार पर अनुपालन का बोझ कम हुआ है।

रेलवे में सुरक्षा और समयबद्धता पर जोर

प्रधानमंत्री ने रेलवे में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के 6,500 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की व्यवस्था है और 10 हजार से अधिक लेवल क्रॉसिंग गेट्स को इंटरलॉकिंग से जोड़ा जा चुका है।

उन्होंने कहा कि 2014 में करीब 9 हजार Un-Manned रेलवे क्रॉसिंग थीं, जिन्हें मिशन मोड में समाप्त किया गया। रोड ओवर ब्रिज और रोड अंडर ब्रिज के निर्माण की गति भी बढ़ाई गई।

प्रधानमंत्री के अनुसार, 2014 से पहले की तुलना में ट्रेन दुर्घटनाओं में करीब 90 प्रतिशत तक कमी आई है।

रेलवे में Bio-Toilets से स्वच्छता में बदलाव

प्रधानमंत्री ने रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले ट्रेनों में करीब 12 हजार Bio-Toilets लगाए गए थे, जबकि 2014 के बाद 3.60 लाख से अधिक Bio-Toilets लगाए गए।

उन्होंने इसे केवल स्वच्छता का विषय नहीं बल्कि यात्रियों की गरिमा और बेहतर यात्रा अनुभव से जुड़ा Governance Reform बताया।

Namo Bharat और Metro की 99.9 प्रतिशत Punctuality

प्रधानमंत्री ने दिल्ली-मेरठ Namo Bharat Rapid Rail का उदाहरण देते हुए कहा कि इस कॉरिडोर पर ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं और अब तक 4 करोड़ से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं।

उन्होंने दावा किया कि दिल्ली-मेरठ नमो भारत की Punctuality 99.9 प्रतिशत है। इसी तरह दिल्ली मेट्रो की Punctuality भी 99.9 प्रतिशत के आसपास बताते हुए उन्होंने कहा कि यह न्यूयॉर्क, हांगकांग और पेरिस जैसे शहरों की मेट्रो सेवाओं के स्तर के करीब पहुंच चुकी है।

Geospatial Data और Drone Sector में बदलाव

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भारत में मैपिंग और Geospatial Data से जुड़े कई क्षेत्रों पर कड़े प्रतिबंध थे। सरकार ने Geospatial Data का Deregulation किया, जिससे नए स्टार्टअप और नए विचारों के लिए अवसर बढ़े हैं।

उन्होंने Drone Sector का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ड्रोन संचालन अनेक नियमों और प्रतिबंधों से घिरा हुआ था। नियमों में सुधार के बाद भारत की Drone Industry तेजी से आगे बढ़ रही है।

Border Infrastructure को बताया देश की ताकत

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले यह सोच थी कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचा बढ़ाने का लाभ दुश्मन भी उठा सकता है। सरकार ने इस सोच को बदला और Border Infrastructure को देश की ताकत माना।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 और 2025 में Border Roads Organisation यानी BRO के 250 Infrastructure Projects देश को समर्पित किए गए।

Nuclear और Defence Sector में Reform

प्रधानमंत्री ने Nuclear Energy Sector में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शांति बिल के माध्यम से परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में निजी क्षेत्र के लिए रास्ता खोला गया है।

Defence Sector के बारे में उन्होंने कहा कि 200 वर्षों से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव करते हुए 40 से अधिक Ordnance Factories को मिलाकर 7 नई संस्थाएं बनाई गईं। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है और 2014 की तुलना में Defence Exports 55 गुना बढ़े हैं।

UPI और Digital India ने बदली रोजमर्रा की जिंदगी

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई सुधार अब लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। घर बैठे सामान मंगाने से लेकर QR Code के जरिए भुगतान, कुछ सेकंड में दूसरे शहर में पैसे भेजने और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं तक पहुंच ने आम नागरिक की जिंदगी को आसान बनाया है।

उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया का सबसे सस्ता डेटा उपलब्ध है, देश में स्मार्टफोन निर्माण बढ़ रहा है और भारत दुनिया के सबसे तेज 5G Rollouts वाले देशों में शामिल है।

Aadhaar को बैंकिंग, मोबाइल कनेक्टिविटी और विभिन्न सेवाओं से जोड़ने के कारण e-KYC और Digital Authentication जैसी सुविधाएं संभव हुई हैं। Income Tax Filing को भी सरल बनाया गया है और कई फॉर्म में जानकारी पहले से भरी रहती है।

e-Sanjeevani से करीब 50 करोड़ Tele-Consultations

प्रधानमंत्री ने e-Sanjeevani को ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बताया। उन्होंने कहा कि अब लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम हुई है और वे डिजिटल माध्यम से डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं।

प्रधानमंत्री के अनुसार, e-Sanjeevani के माध्यम से अब तक करीब 50 करोड़ Tele-Consultations हो चुकी हैं।

Digi Yatra और FASTag से Travel Experience आसान

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में नागरिकों का Travel Experience भी बदल रहा है। Airport पर Digi Yatra, हाईवे पर FASTag जैसी सुविधाओं ने यात्राओं को अधिक Seamless बनाया है।

उन्होंने कहा कि Ease of Living का अर्थ यही है कि नागरिकों का समय बचे, जीवन सरल हो और वे अपनी प्रगति पर अधिक ध्यान दे सकें।

PM-KUSUM और PM Surya Ghar का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने PM-KUSUM और PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana को दीर्घकालिक बदलाव के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल मुफ्त बिजली देने की घोषणा करने के बजाय घरों की छत पर Solar Power Plant लगाने का रास्ता चुना। प्रधानमंत्री के अनुसार, 50 लाख से अधिक परिवार PM Surya Ghar योजना से जुड़ चुके हैं और सरकार ने इन परिवारों को Solar Systems लगाने के लिए 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी है।

उन्होंने कहा कि कई परिवार अपनी जरूरत पूरी करने के बाद अतिरिक्त बिजली Grid में बेचकर आय भी अर्जित कर रहे हैं। इससे बिजली बिल कम होने के साथ परिवारों के जीवन स्तर में भी बदलाव आ रहा है।

“Reform Express” और तेज होगी

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में Ease of Living और Ease of Doing Business को और विस्तार दिया जाएगा। Youth, नारीशक्ति, किसान, गरीब और Middle Class के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि “Reform Express” और अधिक गति से आगे बढ़ेगी तथा विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का भविष्य जितना सुरक्षित और स्थिर होगा, दुनिया के भविष्य में स्थिरता लाने की भारत की क्षमता भी उतनी ही मजबूत होगी। उन्होंने Economic Times की पूरी टीम को कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया और “वंदे मातरम्” के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

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