
126 सुनवाई और 22 गवाहों के बाद मेरठ की अदालत का फैसला, पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोनों दोषी करार
मेरठ | CG News Hub
उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई। यह मामला मार्च 2025 में मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मार्च 2025 में सौरभ राजपूत की हत्या कर उसके शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से बंद कर दिया गया था। इस मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार किया था।
126 सुनवाई के बाद आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। रिपोर्टों के मुताबिक, मुकदमे में 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
सजा सुनते ही भावुक हुए दोनों
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सजा सुनाए जाने के दौरान मुस्कान और साहिल भावुक हो गए। इस फैसले ने एक बार फिर गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया और दंड को लेकर बहस तेज कर दी है।
आगे क्या होगा?
मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भी कानूनी प्रक्रिया समाप्त नहीं होती। दोषियों को उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार होता है। मृत्युदंड के मामलों में निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया और आगे की कानूनी कार्यवाही के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
CG News Hub | हमर छत्तीसगढ़ हमर खबर

