

कोरबा (छत्तीसगढ़):
बांकी मोंगरा क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध कबाड़, गांजा और शराब के कारोबार को लेकर स्थानीय नागरिकों का गुस्सा अब चरम पर पहुँच चुका है। पुलिस प्रशासन की लगातार अनदेखी और लचर कार्यप्रणाली से नाराज कोयलाधानी भूविस्थापित किसान संघ (KBKS) ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। संगठन ने पुलिस अधीक्षक (जिला-कोरबा) को कड़े शब्दों में ज्ञापन सौंपकर साफ कह दिया है कि यदि जल्द ही इस अवैध तंत्र को ध्वस्त नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
माफिया का बोलबाला, नाबालिगों का भविष्य गर्त में और कानून-व्यवस्था ध्वस्त
किसान संघ के अध्यक्ष गजेन्द्र पाल सिंह तंवर ने प्रशासनिक कार्यशैली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बांकी मोंगरा में अवैध कबाड़, गांजा और शराब की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है, जिस पर पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।
खुलेआम बिक रहे नशीले पदार्थों के कारण क्षेत्र के नाबालिग बच्चे तेजी से नशे की लत में धकेले जा रहे हैं। इस अवैध कारोबार के संरक्षण में क्षेत्र में चोरी, दिनदहाड़े चाकूबाजी और मारपीट की घटनाएं रोजाना की बात बन चुकी हैं। आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
प्रशासन को सीधा अल्टीमेटम: 15 दिन में कार्रवाई करो या फिर परिणाम भुगतो
संगठन ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि केवल कागजी खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर कड़े कदम उठाने होंगे।
संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इस अवैध नेटवर्क और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो 23 अक्टूबर 2026 को बांकी मोंगरा मुख्य चौक पर विशाल 1 दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इससे यदि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की शांति-व्यवस्था भंग होती है या स्थिति बिगड़ती है, तो उसकी पूरी की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
उच्च अधिकारियों को पत्र की प्रतिलिपि जारी
मामले की गंभीरता और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करते हुए इस पत्र की प्रतियां जिलाध्यक्ष (कलेक्टर), अति. पुलिस अधीक्षक (दर्री), एसडीएम (कटघोरा), तहसीलदार (कटघोरा) और थाना प्रभारी (बांकीमोंगरा) को भी भेजी गई हैं।
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