प्रणय मिश्रा बांकी मोंगरा
प्रभारी प्राचार्य और दो सहायक प्राध्यापकों के बीच विवाद की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग, 15 दिन का दिया अल्टीमेटम


बांकी मोंगरा। शासकीय नवीन महाविद्यालय बांकी मोंगरा परिसर में प्रभारी प्राचार्य एवं सहायक प्राध्यापकों के बीच कथित मारपीट की घटना को लेकर मामला गरमा गया है। इस मामले में बांकी मोंगरा नगर पालिका परिषद के नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त, रायपुर को लिखित शिकायत भेजकर संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे बिलासपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आंदोलन और घेराव करेंगे।
मधुसूदन दास ने यह पत्र शासकीय ई.वि.पी.जी. महाविद्यालय, कोरबा के प्राचार्य के माध्यम से आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग, इंद्रावती भवन, रायपुर को संबोधित करते हुए भेजा है। पत्र में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य भुनेश्वर सिंह कंवर तथा सहायक प्राध्यापक रघुराज सिंह तंवर और रविंद्र कुमार पैकरा के बीच महाविद्यालय परिसर में हुई कथित मारपीट की घटना का उल्लेख किया गया है। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के बाद संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
इन अधिकारियों को भेजी गई पत्र की प्रतिलिपि
नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने अपने पत्र की प्रतिलिपि कार्रवाई एवं जानकारी के लिए तीन अधिकारियों को भेजी है। इनमें अपर संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर; जिला कलेक्टर, कोरबा; तथा जिला पुलिस अधीक्षक, कोरबा शामिल हैं। इस प्रकार शिकायत उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त तक पहुंचाने के साथ-साथ शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय और जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को भी मामले से अवगत कराया गया है।
पत्र में 15 दिनों के भीतर कार्रवाई करने की मांग करते हुए चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में उचित कार्रवाई नहीं होने पर बिलासपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आंदोलन किया जाएगा।
महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर उठाए सवाल
मधुसूदन दास ने अपने पत्र में कहा है कि बांकी मोंगरा का नवीन महाविद्यालय होने के कारण यहां कई प्रकार की समस्याएं हैं। इसके बावजूद यह उम्मीद की जा रही थी कि समय के साथ इन समस्याओं का समाधान हो जाएगा। लेकिन महाविद्यालय परिसर में शिक्षकों के बीच मारपीट जैसी घटना सामने आने से शैक्षणिक वातावरण पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय वह स्थान है, जहां विद्यार्थी अपने भविष्य को संवारने और बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से आते हैं। ऐसे संस्थान में शिक्षकों के बीच आपसी विवाद का इस स्तर तक पहुंचना चिंताजनक है। उनके अनुसार, शिक्षकों के बीच समन्वय की कमी और इस प्रकार के विवादों का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई तथा संस्थान की छवि पर पड़ सकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने, घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रभारी प्राचार्य भुनेश्वर सिंह कंवर ने भी रखा अपना पक्ष
वहीं, मामले में प्रभारी प्राचार्य भुनेश्वर सिंह कंवर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जब वे वॉशरूम जा रहे थे, उसी दौरान दो प्रोफेसरों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि इस घटना के संबंध में संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
प्रभारी प्राचार्य के इस बयान के बाद मामले में संबंधित पक्षों के आरोपों और शिकायतों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस जांच की वर्तमान स्थिति तथा अन्य संबंधित शिक्षकों का पक्ष स्पष्ट नहीं है।
अब विभागीय जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
इस मामले में नेता प्रतिपक्ष ने जहां 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है, वहीं प्रभारी प्राचार्य ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उच्च शिक्षा विभाग, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
महाविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में हुई इस घटना को लेकर निष्पक्ष जांच, सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सुनना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करना आवश्यक होगा। फिलहाल, मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
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