



नई दिल्ली। राष्ट्र की सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और अदम्य साहस का परिचय देने वाले सशस्त्र बलों एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 47 वीर जवानों और अधिकारियों को विभिन्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इनमें कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और वीर चक्र सहित कई प्रतिष्ठित अलंकरण शामिल हैं।
जारी सूची के अनुसार कुल 25 शौर्य चक्र, 12 वीर चक्र और 5 कीर्ति चक्र प्रदान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 1 शौर्य चक्र (मरणोपरांत), 2 वीर चक्र (मरणोपरांत) तथा 2 कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) भी प्रदान किए गए हैं।
शौर्य चक्र से सम्मानित होने वालों में सेना, नौसेना, वायु सेना, सीआरपीएफ, असम राइफल्स तथा गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत कई अधिकारी और जवान शामिल हैं। इनमें निरीक्षक लक्ष्मण केवट, निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख, लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भारती शुक्ला, मेजर आदित्य प्रताप सिंह, मेजर आशीष कुमार, सहायक कमांडेंट मोहम्मद शफीक, लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर, राम गोयल, कांस्टेबल सद्दाम हुसैन सहित अनेक वीर जवानों को सम्मानित किया गया।
वीर चक्र से सम्मानित होने वालों में कर्नल कोशांक लांबा, ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा, ग्रुप कैप्टन अनिमेष पटनी, ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा, विंग कमांडर जॉय चंद्र, लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट तथा अन्य अधिकारी शामिल हैं। इन वीरों ने वर्ष 2025 के विभिन्न सैन्य अभियानों में असाधारण साहस और नेतृत्व का परिचय दिया।
कीर्ति चक्र, जो शांति काल का दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है, लांस नायक मीनाक्षी सुंदरम ए, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा, मेजर अर्शदीप सिंह, एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर और कैप्टन लालरीनावमा सैलो को प्रदान किया गया।
मरणोपरांत सम्मानित किए गए वीरों में एल/डीएफआर बलदेव चंद, सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तेयाज, सीटी/जीडी दीपक चिंगखम, राइफलमैन सुनील कुमार, सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर तथा लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी शामिल हैं। इन वीरों ने राष्ट्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
इन वीरता पुरस्कारों के माध्यम से देश ने उन जवानों और अधिकारियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को नमन किया है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता की रक्षा की। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को भी देश सेवा और राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित करेगा। 🇮🇳

