



‘गोदी’ और ‘गुलामी’ जैसे शब्दों के कथित इस्तेमाल पर पत्रकारों में नाराजगी, प्रेस क्लब बांकी मोंगरा की बैठक में बनी रणनीति
बांकी मोंगरा। पत्रकारों के सम्मान, प्रेस की गरिमा और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर रविवार को प्रेस क्लब बांकी मोंगरा में क्षेत्र के पत्रकारों की आवश्यक बैठक एवं प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। बैठक में पत्रकार साथियों की सोशल मीडिया पोस्ट पर ‘गोदी’ एवं ‘गुलामी’ जैसे कथित आपत्तिजनक एवं अपमानजनक शब्दों के प्रयोग को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में पत्रकारों ने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी से पत्रकार समुदाय के मान-सम्मान एवं प्रेस की गरिमा को ठेस पहुंची है। इस मुद्दे पर पत्रकारों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
सर्वसम्मति से लिया गया बहिष्कार का निर्णय
बैठक में भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा द्वारा पत्रकारों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले को भी गंभीरता से उठाया गया। विस्तृत चर्चा के बाद उपस्थित पत्रकारों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि भागवत विश्वकर्मा से संबंधित समाचारों का बहिष्कार किया जाएगा।
पत्रकारों के अनुसार, यदि भागवत विश्वकर्मा किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में उपस्थित होते हैं, किसी मंच का नेतृत्व करते हैं अथवा किसी कार्यक्रम में सहभागी के रूप में शामिल होते हैं, तो ऐसे कार्यक्रम का समाचार बांकी मोंगरा क्षेत्र के पत्रकारों द्वारा नहीं बनाया जाएगा।
प्रेस की गरिमा से समझौता नहीं
बैठक में पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की अहम भूमिका है। पत्रकारों के सम्मान, स्वतंत्रता और प्रेस की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पत्रकारों ने कहा कि यह निर्णय किसी व्यक्तिगत विवाद को बढ़ाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पत्रकारिता की गरिमा और पत्रकारों के सम्मान की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से लिया गया है।
बैठक में प्रमुख रूप से ये मुद्दे रहे चर्चा में
- पत्रकारों के सम्मान एवं गरिमा का विषय
- सोशल मीडिया पर ‘गोदी’ एवं ‘गुलामी’ जैसे शब्दों के कथित प्रयोग का मामला
- भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी
- समाचार बहिष्कार को लेकर सर्वसम्मति से निर्णय
- पत्रकारों की एकजुटता एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा
- भविष्य की रणनीति एवं पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक निर्णय
बैठक के अंत में पत्रकारों ने एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया और कहा कि “एकता ही पत्रकारिता की ताकत है।”

