बांकी मोंगरा



पेट्रोल पंप से नगर पालिका कार्यालय मोड़ तक यातायात व्यवस्था बदहाल, जिम्मेदार विभाग कब करेगा कार्रवाई?
बांकी मोंगरा। पेट्रोल पंप से इंदिरा नगर रोड होते हुए नगर पालिका परिषद कार्यालय मोड़ तक सड़क के किनारे खड़े ट्रेलर और भारी वाहन अब राहगीरों के लिए गंभीर परेशानी बनते जा रहे हैं। सड़क के दोनों ओर बेतरतीब तरीके से खड़े भारी वाहनों के कारण मार्ग संकरा हो गया है और हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया और अन्य वाहन गुजरते हैं। सड़क किनारे खड़े ट्रेलरों के कारण सामने से आने वाले वाहनों को पास होने में काफी परेशानी होती है। कई स्थानों पर स्थिति ऐसी बन जाती है कि वाहन चालकों को सड़क के बीच से होकर निकलना पड़ता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही या अचानक सामने आए वाहन से बड़ा हादसा हो सकता है।
रात में बढ़ जाता है खतरा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय सड़क किनारे खड़े ट्रेलर और भी ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं। पर्याप्त रोशनी एवं पार्किंग व्यवस्था के अभाव में कई बार वाहन चालकों को सड़क किनारे खड़े भारी वाहन समय पर दिखाई नहीं देते। वहीं, ट्रेलरों के कारण पीछे से आने वाले वाहनों को भी सामने की स्थिति का सही अंदाजा नहीं लग पाता।
जिम्मेदार विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सड़क किनारे लंबे समय तक भारी वाहनों की पार्किंग के बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? यदि किसी दिन इसी मार्ग पर गंभीर दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय अभी से कार्रवाई करनी चाहिए। सड़क किनारे खड़े ट्रेलरों को हटाने के साथ ही भारी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल की व्यवस्था और नो-पार्किंग क्षेत्र में सख्ती से कार्रवाई जरूरी है।
नागरिकों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका परिषद, यातायात पुलिस एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि पेट्रोल पंप से इंदिरा नगर रोड होते हुए नगर पालिका परिषद कार्यालय मोड़ तक सड़क का निरीक्षण कर सड़क किनारे खड़े ट्रेलरों को हटाया जाए। साथ ही नियमित पेट्रोलिंग और नो-पार्किंग व्यवस्था लागू की जाए।
नागरिकों का कहना है कि सड़क को पार्किंग स्थल बनने से रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते कदम उठाना जरूरी है।

