प्रणय मिश्रा
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और ‘युवा शक्ति से विकसित भारत@2047’ पर रहेगा जोर, करीब 5 हजार विशेष अतिथि होंगे शामिल

नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026। देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक और खास होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे।
इस वर्ष समारोह की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ और ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ रखी गई है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 10 अगस्त को नई दिल्ली में जानकारी देते हुए बताया कि आजादी के आंदोलन के दौरान लाखों भारतीयों को प्रेरित करने वाले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा।
प्रधानमंत्री के पहुंचते ही गूंजेगा वंदे मातरम्
प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने पर सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ का गायन होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए लाल किले के आसपास विशेष सजावट भी की जा रही है। ज्ञान पथ पर 2,500 एनसीसी कैडेट्स और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक मिलकर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाएंगे।
समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ का संदेश वाला बैनर लेकर उड़ान भरेगा और लाल किले पर मौजूद लोगों के ऊपर पुष्प वर्षा करेगा।
देशभर में 343 स्थानों पर सैन्य बैंड की प्रस्तुति
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में सैन्य बैंड की विशेष प्रस्तुतियां भी आयोजित की जा रही हैं। 8 अगस्त से शुरू हुआ यह कार्यक्रम 15 अगस्त तक चलेगा।
सेना, नौसेना, वायुसेना, भारतीय तटरक्षक बल, एनसीसी, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, बीएसएफ, इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ, रेलवे सुरक्षा बल और असम राइफल्स के बैंड 343 प्रमुख स्थानों पर प्रस्तुतियां देंगे। इन कार्यक्रमों में आम नागरिक भी शामिल हो सकेंगे।
युवा शक्ति को मिलेगा विशेष सम्मान
इस वर्ष के समारोह में देश की युवा शक्ति को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने में युवाओं की भूमिका को समारोह में प्रमुखता दी गई है।
विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इनमें राष्ट्रीय नवाचार कार्यक्रमों के युवा इनोवेटर, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के उत्कृष्ट इंटर्न, सफल स्टार्टअप, पीएम कौशल विकास योजना के प्रशिक्षित युवा और ‘माई भारत’ के उत्कृष्ट स्वयंसेवक शामिल हैं।
इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताओं और क्विज के माध्यम से चयनित दिल्ली सरकार के स्कूलों के विद्यार्थियों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड के 19 पदक विजेता भी होंगे मौजूद
विज्ञान के क्षेत्र में देश की युवा प्रतिभा को सम्मान देने के लिए अंतरराष्ट्रीय भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान और गणित ओलंपियाड-2026 के 19 पदक विजेता विद्यार्थियों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है। ये विद्यार्थी लाल किले की प्राचीर पर विशेष स्थान पर बैठेंगे।
समारोह की पृष्ठभूमि में भारत की परमाणु और अंतरिक्ष तकनीक में हुई प्रगति को भी प्रदर्शित किया जाएगा। गार्ड ऑफ ऑनर क्षेत्र की फूलों से की गई सजावट में विकसित भारत@2047 की यात्रा को दर्शाया जाएगा।
करीब 5 हजार विशेष अतिथि होंगे शामिल
इस बार समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले करीब 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है।
इनमें शामिल हैं—
- राष्ट्रीय नवाचार कार्यक्रमों के युवा इनोवेटर
- प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के उत्कृष्ट इंटर्न
- विभिन्न योजनाओं से जुड़े सफल स्टार्टअप
- पीएम कौशल विकास योजना के उत्कृष्ट प्रशिक्षित युवा
- स्टार्टअप इंडिया सीड फंड से जुड़े सफल स्टार्टअप
- उत्कृष्ट ‘माई भारत’ स्वयंसेवक
- NAMASTE, PM-AJAY और SEED योजना के लाभार्थी
- दिल्ली सरकार के स्कूलों के चयनित विद्यार्थी
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के स्वयंसेवक
- पीएम मुद्रा योजना की महिला उद्यमी
- पीएम आवास योजना-शहरी के उत्कृष्ट लाभार्थी
- विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिक और इनोवेटर
- दिल्ली के भारत टैक्सी से जुड़े सारथी, कैब और टैक्सी चालक
- पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी
- पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर
- प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के उत्कृष्ट लाभार्थी
- प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के उत्कृष्ट किसान।
मेहनतकश ‘साइलेंट वॉरियर्स’ को भी सम्मान
समारोह में उन लोगों को भी विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया है जो पर्दे के पीछे रहकर लगातार देश और समाज के लिए काम करते हैं। इन ‘साइलेंट वॉरियर्स’ के योगदान को भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मान दिया जाएगा।
आमंत्रित लोगों के लिए सुबह 4 बजे से मेट्रो
समारोह में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए दिल्ली में 15 अगस्त को सुबह 4 बजे से मेट्रो सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। आमंत्रित लोगों के लिए मेट्रो यात्रा नि:शुल्क होगी।
ई-आमंत्रण पत्र के साथ मेट्रो यात्रा के लिए क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जाएगा।
छह स्थानों पर 25 क्लोकरूम
आगंतुकों की सुविधा के लिए छह अलग-अलग स्थानों पर कुल 25 क्लोकरूम बनाए गए हैं। यहां लोग अपना सामान सुरक्षित रख सकेंगे।
200 स्वयंसेवक करेंगे मदद
आगंतुकों को उनके निर्धारित घेरे तक पहुंचाने में पुलिस के साथ 200 स्वयंसेवक सहयोग करेंगे। इनमें 100 ‘माई भारत’ और 100 एनसीसी स्वयंसेवक शामिल होंगे।
लाल किले की ओर जाने वाले मार्ग पर इन स्वयंसेवकों की आसानी से पहचान हो सकेगी।
व्हीलचेयर की भी व्यवस्था
जिन लोगों को व्हीलचेयर की आवश्यकता होगी, उनकी सहायता के लिए मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग क्षेत्रों में एनसीसी कैडेट्स मौजूद रहेंगे।
पार्किंग और पैदल मार्ग की व्यवस्था
वैध पार्किंग पास अथवा लेबल वाले आमंत्रित लोगों के लिए परेड ग्राउंड में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
ऊपरी सुभाष मार्ग से निचले सुभाष मार्ग तक लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए मजबूत रैंप और सीढ़ियों का निर्माण किया गया है।
बारिश हुई तो रेन पोंचो की व्यवस्था
15 अगस्त को मौसम की संभावित अनिश्चितता और बारिश को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। लाल किले की प्राचीर पर मौजूद विशेष अतिथियों के अलावा माधव दास पार्क और 15 अगस्त पार्क में आमंत्रित लोगों को रेन पोंचो उपलब्ध कराए जाएंगे।
मैप पर दिखाई देंगी ट्रैफिक पाबंदियां
समारोह के दिन दिल्ली में यातायात से जुड़ी पाबंदियों और मार्गों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए गूगल और मैपल्स मैप्स पर ट्रैफिक संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इससे लोगों को प्रतिबंधित मार्गों और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी पहले से मिल सकेगी।
आमंत्रण पत्र में ‘सेवा तीर्थ’ को प्रमुखता
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के निमंत्रण पत्र में ‘सेवा तीर्थ’ को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सेवा, कर्तव्य, करुणा और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करने के लिए प्रेरित करना है।
निमंत्रण पत्र पर बना धर्म चक्र सही कर्तव्य और लगातार निस्वार्थ कर्म का प्रतीक है।
समारोह के बाद विशेष स्वच्छता अभियान
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लाल किले और आसपास के क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
एनसीसी कैडेट्स और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक दर्शकों के जाने के तुरंत बाद प्लॉगिंग और कचरा हटाने का अभियान चलाएंगे। इसका उद्देश्य लाल किले को कार्यक्रम के बाद भी साफ-सुथरा रखना और पर्यटकों के लिए क्षेत्र को व्यवस्थित बनाए रखना है।
झीलों के नाम पर होंगे बैठने के घेरे
वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने और जल संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने के लिए बनाए गए प्रांगण घेरों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं।
इससे पहले 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह में इन बैठने के घेरों के नाम प्रमुख नदियों के नाम पर रखे गए थे।
बारिश से निपटने के लिए जल निकासी की विशेष तैयारी
स्वतंत्रता दिवस के दौरान बारिश की संभावना को देखते हुए लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके तहत ड्रेनेज और सीवेज सिस्टम की व्यापक सफाई की जा रही है।
देशभक्ति और विकसित भारत का संदेश देगा समारोह
इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने और प्रधानमंत्री के संबोधन तक सीमित नहीं रहेगा। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष की ऐतिहासिक विरासत, युवा शक्ति की उपलब्धियां, विज्ञान एवं तकनीक में भारत की प्रगति, सेवा भावना, स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे संदेश समारोह का प्रमुख हिस्सा होंगे।
इस तरह 15 अगस्त 2026 का समारोह स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत को याद करने के साथ-साथ 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को भी सामने रखेगा।

