Friday, August 21, 2026
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पार्षद प्रतिनिधि के रूप में कथित हस्तक्षेप और अवैध वसूली के आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग

बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा क्षेत्र में निर्वाचित पार्षद की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर राकेश पटेल एवं जगदीश पटेल पर शासकीय कार्यों में कथित हस्तक्षेप करने, विभिन्न मामलों में दबाव बनाने तथा आम जनता से कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

ठेके से लेकर पेंशन और SECL L&R मामलों में दबाव का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राकेश पटेल एवं जगदीश पटेल स्वयं को पार्षद प्रतिनिधि बताते हुए नगर पालिका एवं अन्य शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। आवेदन के अनुसार ठेके, रोजगार, राशन कार्ड, पेंशन तथा SECL के L&R से जुड़े मामलों में लोगों पर कथित रूप से दबाव बनाया जाता है।

शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि इन मामलों में आम लोगों से कथित रूप से अवैध राशि की मांग या वसूली की जाती है। हालांकि, ये आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

निर्वाचित पार्षद के अधिकार को लेकर उठाए सवाल

शिकायत का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें निर्वाचित पार्षद श्रीमती अमिला पटेल के स्थान पर उनके प्रतिनिधि के रूप में अन्य व्यक्तियों द्वारा शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप किए जाने पर सवाल उठाया गया है।

ग्रामीणों की मांग है कि राकेश पटेल एवं जगदीश पटेल को पार्षद प्रतिनिधि के रूप में किसी भी प्रकार का शासकीय कार्य करने से तत्काल रोका जाए। साथ ही नगर पालिका को निर्देशित किया जाए कि किसी भी शासकीय फाइल, सिफारिश अथवा प्रस्ताव को केवल निर्वाचित पार्षद श्रीमती अमिला पटेल के हस्ताक्षर से ही मान्य किया जाए।

राजपत्र और फोटो-वीडियो साक्ष्य संलग्न करने का दावा

आवेदनकर्ताओं ने अपने दावों के समर्थन में छत्तीसगढ़ राजपत्र क्रमांक 439, दिनांक 6 अगस्त 2026 की छायाप्रति संलग्न किए जाने का उल्लेख किया है। इसके अलावा पार्षद पति द्वारा कथित हस्तक्षेप से संबंधित फोटो एवं वीडियो साक्ष्य भी आवेदन के साथ प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।

अब इन दस्तावेजों और कथित साक्ष्यों की प्रशासनिक जांच महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, अधिकार और शासकीय कार्यों में उनके हस्तक्षेप की वैधानिकता पर प्रशासन को निर्णय लेना होगा।

कई अधिकारियों को भेजी शिकायत की प्रतिलिपि

ग्रामीणों ने आवेदन की प्रतिलिपि SDM कटघोरा, नगर पालिका के आयुक्त, नगर पालिका बांकीमोंगरा के अध्यक्ष तथा छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला सचिव को भी भेजी है। इससे स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता मामले को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रखकर प्रशासनिक स्तर पर भी उठाना चाहते हैं।

विवेचनात्मक विश्लेषण : मामला केवल आरोपों तक सीमित नहीं

इस पूरे विवाद को केवल व्यक्तिगत या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के रूप में देखना उचित नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति निर्वाचित जनप्रतिनिधि का प्रतिनिधि बनकर शासकीय कार्यालयों में कार्य करता है, तो उसके अधिकार और भूमिका की स्पष्टता जरूरी है। खासकर तब, जब शिकायत में ठेके, रोजगार, पेंशन, राशन कार्ड और SECL L&R जैसे सीधे तौर पर आम जनता से जुड़े विषयों में हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए हों।

दूसरी ओर, शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन आरोप अपने आप में प्रमाण नहीं होते। इसलिए प्रशासन के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती निष्पक्ष जांच की होगी। शिकायत में लगाए गए फोटो-वीडियो, दस्तावेजों, संबंधित फाइलों और कथित वसूली से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो शासकीय व्यवस्था में अनधिकृत हस्तक्षेप और आम नागरिकों से कथित वसूली जैसे मामलों पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता होगी। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों की प्रतिष्ठा प्रभावित होने से बचाने के लिए तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।

अब प्रशासनिक जांच पर टिकी नजर

फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि पार्षद प्रतिनिधि के रूप में संबंधित व्यक्तियों की वास्तविक भूमिका और अधिकार क्या हैं तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जिला प्रशासन द्वारा शिकायत की जांच और संबंधित पक्षों के बयान लिए जाने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

महत्वपूर्ण: इस समाचार में लगाए गए आरोप शिकायत आवेदन में उल्लेखित दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित राकेश पटेल, जगदीश पटेल अथवा पार्षद श्रीमती अमिला पटेल का पक्ष सामने आने पर समाचार को और स्पष्टता मिल सकेगी।

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