Saturday, August 22, 2026
HomeLocalजब संसद और विधानसभा की कार्यवाही जनता देख सकती है, तो नगर...

जब संसद और विधानसभा की कार्यवाही जनता देख सकती है, तो नगर पालिका की सामान्य सभा से पत्रकारों को दूर क्यों?

बांकी मोंगरा नगर पालिका में पत्रकारों के प्रवेश को लेकर उठे गंभीर सवाल

बांकी मोंगरा। लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही केवल बड़े सदनों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब देश की लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की कार्यवाही तक लाइव प्रसारण के माध्यम से जनता के सामने रखी जाती है, तो स्थानीय लोकतांत्रिक संस्था नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की कार्यवाही से स्थानीय पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों को दूर रखने का सवाल स्वाभाविक रूप से गंभीर हो जाता है।

नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा की सामान्य सभा की बैठकों में स्थानीय पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रवेश पर कथित रोक को लेकर अब नगर पालिका के भीतर ही विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। सामान्य सभा की कार्यवाही से पत्रकारों को दूर रखे जाने को लेकर नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पत्र सौंपा है। उन्होंने आगामी सामान्य सभा में पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को प्रवेश देने की स्पष्ट मांग की है।

सामान्य सभा से मीडिया को दूर रखने पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने कहा कि बांकी मोंगरा नगर पालिका के गठन के बाद अब तक कई सामान्य सभाएं आयोजित हो चुकी हैं, लेकिन इन बैठकों में स्थानीय पत्रकारों को प्रवेश नहीं दिया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि सामान्य सभा नगर पालिका की महत्वपूर्ण कार्यवाही होती है, जहां जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और जनता से जुड़े मुद्दे सदन में रखते हैं। ऐसे में यदि मीडिया को ही कार्यवाही से दूर रखा जाएगा, तो आम जनता को यह जानकारी कैसे मिलेगी कि कौन जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की आवाज मजबूती से उठा रहा है और कौन नहीं?

मधुसूदन दास ने सवाल उठाते हुए कहा कि “आखिर सामान्य सभा की कार्यवाही को पत्रकारों से दूर रखने की ऐसी क्या मजबूरी है? ऐसा क्या है जिसे जनता के सामने आने का डर है?”

लोकसभा-विधानसभा की कार्यवाही सार्वजनिक, फिर स्थानीय सदन में सवाल क्यों?

लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रसारण की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य जनता को यह जानने का अवसर देना है कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि सदन में किन मुद्दों को उठा रहे हैं और सरकार किस प्रकार जवाब दे रही है।

ऐसे में सवाल यह है कि जब देश और प्रदेश की विधायी संस्थाओं की कार्यवाही जनता के सामने रखने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, तो स्थानीय निकाय की सामान्य सभा में मीडिया की मौजूदगी को लेकर आपत्ति क्यों होनी चाहिए?

नगर पालिका की सामान्य सभा में भी शहर के विकास, सड़क, पानी, सफाई, नाली, बजट, निर्माण कार्य, योजनाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। इन निर्णयों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने में स्थानीय मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

अन्य बैठकों में प्रवेश, सामान्य सभा में ही रोक क्यों?

मधुसूदन दास ने कहा कि नगर पालिका में सामान्य सभा के अलावा अन्य बैठकों में पत्रकारों को सम्मानपूर्वक बैठने की अनुमति दी जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि सामान्य सभा में ही मीडिया के प्रवेश पर रोक क्यों?

उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और पारदर्शिता के लिहाज से गंभीर विषय बताया।

उनकी मांग है कि आगामी सामान्य सभा की बैठक में पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को बाकायदा आमंत्रित कर सदन की कार्यवाही को कवर करने की अनुमति दी जाए, ताकि नगर पालिका के निर्णय, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे सही एवं निष्पक्ष रूप से आमजन तक पहुंच सकें।

पार्षदों ने भी जताई नाराजगी

इस दौरान पार्षद राकेश अग्रवाल, नवीन कुकरेजा एवं संदीप डहरिया ने भी पत्रकारों के प्रवेश पर कथित रोक को लेकर नाराजगी जताई। पार्षदों ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है और स्थानीय निकाय की महत्वपूर्ण बैठकों से पत्रकारों को दूर रखना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

पालिका गठन से अब तक सामान्य सभा में “नो-एंट्री” का आरोप

बांकी मोंगरा नगर पालिका बनने के बाद से सामान्य सभा की बैठकों में स्थानीय पत्रकारों के प्रवेश को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विरोध कर रहे जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि सामान्य सभा में पत्रकारों के प्रवेश पर अघोषित रोक जैसी स्थिति बनी हुई है।

इसे लेकर नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक पारदर्शिता के विपरीत बताया जा रहा है।

हालांकि, नगर पालिका प्रशासन का इस संबंध में पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सामान्य सभा में पत्रकारों के प्रवेश को लेकर कोई लिखित नियम, प्रशासनिक कारण या सुरक्षा संबंधी व्यवस्था लागू है अथवा नहीं।

अब अगली सामान्य सभा पर निगाहें

नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास की मांग और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद अब सबकी निगाहें आगामी सामान्य सभा पर टिकी हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है—

जब लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्थाओं की कार्यवाही को जनता तक पहुंचाने की व्यवस्था है, तो नगर पालिका जैसे स्थानीय लोकतांत्रिक सदन की कार्यवाही को जनता तक पहुंचाने वाले पत्रकारों के लिए दरवाजे बंद क्यों हों?

लोकतंत्र में सवाल पूछना विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था का आवश्यक हिस्सा है। पारदर्शिता जितनी अधिक होगी, जनता का विश्वास भी उतना ही मजबूत होगा।

अब देखना होगा कि आगामी सामान्य सभा में बांकी मोंगरा नगर पालिका प्रशासन पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को प्रवेश देता है या “नो-एंट्री” की स्थिति आगे भी जारी रहती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments