Tuesday, October 20, 2026
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कोरबा में बनेगा छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस सेंटर, ₹25 करोड़ से होगा निर्माण

रिस्दी रोड पर पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन, विद्यार्थियों को मिलेगी रोबोटिक्स, स्पेस और एआई की आधुनिक सुविधाएं

कोरबा | 15 अक्टूबर 2026 | CG NEWS HUB

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा अब विज्ञान और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। शहर के रिस्दी रोड पर 25 करोड़ रुपये की लागत से छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा साइंस सेंटर बनाया जाएगा। गुरुवार को प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर साइंस एवं कन्वेंशन सेंटर का विधि-विधान से भूमिपूजन किया। अडानी फाउंडेशन के सहयोग से सीएसआर मद के अंतर्गत बनने वाला यह केंद्र विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का काम करेगा।

रोबोटिक्स से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक की मिलेगी जानकारी

प्रस्तावित साइंस सेंटर लगभग 1.30 लाख वर्गफीट क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यहां विद्यार्थियों को विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को किताबों के बजाय प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा। केंद्र में रोबोटिक्स जोन, स्पेस जोन, प्लेनेटोरियम, माइनिंग एक्सपीरियंस जोन, कल्चरल सेंटर तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियलिटी आधारित आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इन सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थी वैज्ञानिक प्रयोगों, अंतरिक्ष अभियानों और आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

मंत्री लखन लाल देवांगन बोले—कोरबा के इतिहास में जुड़ेगा नया वैज्ञानिक अध्याय

भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि साइंस सेंटर का निर्माण कोरबा के इतिहास में एक नया वैज्ञानिक अध्याय लिखेगा। इससे जिले सहित पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सीखने के नए अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी यहां वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से नई-नई चीजों को समझ सकेंगे तथा चंद्रयान और मंगलयान जैसे अंतरिक्ष अभियानों में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों के बारे में जान सकेंगे। यह केंद्र बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत-2047 की संकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और तकनीक के क्षेत्र में निरंतर प्रगति आवश्यक है। साइंस सेंटर जैसी परियोजनाएं विद्यार्थियों को ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाने में सहायक होंगी।

कोरबा में विकास कार्यों को मिल रही गति

मंत्री देवांगन ने प्रदेश की नई उद्योग नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर पार्क और टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावनाएं हैं।

उन्होंने बताया कि कोरबा में सड़क, पुल-पुलियों और यातायात सुविधाओं के विकास के लिए सीएसआर एवं डीएमएफ मद से विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। सीतामढ़ी से उरगा रोड, बरबसपुर से दर्री रोड तथा ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक होते हुए रिस्दी चौक तक सड़क निर्माण एवं मरम्मत के कार्यों से आवागमन को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। संजयनगर के पास अंडरब्रिज का कार्य भी शुरू हो चुका है। वहीं सुनालिया, सर्वमंगला और बेलगिरी सहित अन्य स्थानों पर पुल-पुलियों के निर्माण की योजना है।

महापौर और कलेक्टर ने बताई परियोजना की उपयोगिता

महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि साइंस सेंटर बनने से कोरबा के विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों और आधुनिक तकनीकों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों की प्रतिभा निखरेगी और वे विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने इस पहल के लिए जिला प्रशासन और अडानी फाउंडेशन को बधाई दी।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि लगभग 1.30 लाख वर्गफीट में विकसित होने वाला यह साइंस सेंटर जिले के विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। यहां प्रयोगों, गतिविधियों और व्यावहारिक अनुभवों के जरिए विज्ञान की समझ विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले के पीएम श्री विद्यालयों के विद्यार्थियों के अहमदाबाद स्थित साइंस सेंटर भ्रमण के दौरान वहां की सुविधाओं का अवलोकन किया गया था। अब कोरबा में भी इसी स्तर की आधुनिक सुविधाएं विकसित होने से विद्यार्थियों को अपने जिले में ही विज्ञान और नवाचार से जुड़ने के अवसर मिलेंगे।

सीएसआर से शिक्षा और अधोसंरचना को मिलेगा बढ़ावा

कलेक्टर ने कहा कि कोरबा के विकास में औद्योगिक संस्थानों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। सीएसआर मद से शहर में कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। बालको द्वारा शहर के भीतर फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि एसईसीएल ने सीतामढ़ी-उरगा सड़क निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। स्वामी विवेकानंद शैक्षणिक परिसर में लाइब्रेरी का निर्माण भी सीएसआर मद से किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला साइंस सेंटर कोरबा के शैक्षणिक और तकनीकी विकास को नई दिशा देगा। यह केंद्र विद्यार्थियों के लिए ज्ञान-विज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनने के साथ छत्तीसगढ़ को विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में सहायक होगा।

इस अवसर पर नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, डॉ. राजीव सिंह, नरेंद्र देवांगन, एमआईसी सदस्य, अडानी फाउंडेशन के सीईओ वैभव टंडन, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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