गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर Bastar के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में एकलव्य मॉडल स्कूल खोले गए हैं, 46 आईटीआई तथा 49 स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं और 90 हजार से अधिक युवाओं एवं महिलाओं को स्किल प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजना के तहत विकास योजनाओं का पूर्ण सैचुरेशन, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, युवाओं एवं महिलाओं के वैज्ञानिक एवं भविष्योन्मुखी सशक्तिकरण के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
श्री शाह ने कहा कि आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने के उद्देश्य से “बस्तर पंडुम” की शुरुआत की गई है। इस आयोजन के माध्यम से आदिवासी नृत्य, गीत, भाषा, वेशभूषा और पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 45 हजार लोगों ने बस्तर पंडुम में भाग लिया था। वहीं, आयोजित दो बस्तर ओलंपिक में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पिछले बस्तर ओलंपिक में 3 लाख 94 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिसमें पुनर्वास स्वीकार कर चुके पूर्व नक्सलियों की टीम ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। लोकतांत्रिक मूल्यों, सहयोग और विकास की अवधारणा ही समाज और व्यक्ति के विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद गरीबी के कारण फैला था, इस भ्रांति को दूर करने का कार्य “शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा” करेगा।
उन्होंने कहा कि जब बस्तर पूर्ण रूप से विकसित होगा, तब यह पूरे विश्व के सामने उदाहरण बनेगा कि नक्सल हिंसा के कारण स्कूल, सड़क, अस्पताल और बैंक जैसी मूलभूत सुविधाएं वर्षों तक बाधित रहीं। श्री शाह ने कहा कि “शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा” लोकतांत्रिक विकास मॉडल के रूप में देशभर के लिए प्रेरणा बनेगा।
श्री शाह ने बस्तरवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि अब भय के माहौल में जीने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि क्षेत्र में विकास का नया सूर्योदय हो चुका है। उन्होंने आदिवासी युवाओं और महिलाओं से विश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत सरकार और Chhattisgarh सरकार उनके साथ खड़ी हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि माओवादी विचारधारा से प्रेरित लोग भेष बदलकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर सकते हैं, इसलिए लोगों को किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से ही पूरे बस्तर का विकास किया जाएगा।
अंत में श्री शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अगले पांच वर्षों में बस्तर को देश के सभी आदिवासी संभागों में सबसे विकसित संभाग बनाएंगी तथा यहां की आय में छह गुना तक वृद्धि होगी। उन्होंने नक्सल मुक्त भारत के निर्माण में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सुरक्षाबलों के जवानों और उनके परिवारों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।


