नई दिल्ली/हुगली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले स्थित तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी करेंगे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम के तहत देशभर के 9 करोड़ 44 लाख से अधिक पात्र किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। इस किस्त से 2 करोड़ 18 लाख से अधिक महिला किसानों को भी लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ सिंह, अश्विनी वैष्णव, शांतनु ठाकुर, सुकांत मजूमदार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। देशभर में इस अवसर को “पीएम-किसान उत्सव दिवस” के रूप में मनाया जाएगा तथा कृषि विज्ञान केंद्रों, पंचायतों और स्थानीय कृषि कार्यालयों के माध्यम से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी। 23वीं किस्त जारी होने के बाद योजना के तहत किसानों को वितरित कुल राशि 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी। पश्चिम बंगाल में इस बार 45.35 लाख से अधिक किसानों को 907.21 करोड़ रुपये की राशि मिलेगी, जिससे राज्य में योजना के आरंभ से अब तक कुल वितरण 15,055 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का भी शुभारंभ करेंगे। वर्ष 2026-27 में लगभग 1.10 करोड़ किसानों को 30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर बीमा सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के अंतर्गत 28,140 करोड़ रुपये के अनुमानित बीमित मूल्य की फसलों को सुरक्षा मिलेगी तथा किसानों को प्रीमियम सब्सिडी के रूप में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगभग 777 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
प्रधानमंत्री डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में एग्रीस्टैक का शुभारंभ भी करेंगे। इसके माध्यम से उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आधारित खरीद जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा। 2,817 करोड़ रुपये की लागत वाले इस मिशन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में डिजिटल शासन को मजबूत करना तथा किसानों को ऋण, फसल बीमा और तकनीकी सलाह तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन की शुरुआत भी की जाएगी। इसके तहत वर्ष 2026-27 में राज्य में 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में 346 प्राकृतिक कृषि क्लस्टर विकसित किए ।


