Sunday, August 9, 2026
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राशन के लिए अब लाइन में लगने की जरूरत नहीं! छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’, 24×7 मिलेगा चावल


रायपुर। छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब हितग्राहियों को राशन लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने और दुकान खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। राज्य सरकार ने ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत कर दी है, जिसके माध्यम से पात्र हितग्राही 24×7 अपनी सुविधा के अनुसार चावल प्राप्त कर सकेंगे।

8 अगस्त 2026 को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में स्थापित तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ का ऑनलाइन शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा शुरू की गई यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आधार या राशन कार्ड नंबर से मिलेगा चावल

ग्रेन एटीएम में हितग्राही को मशीन की स्क्रीन पर आधार नंबर अथवा राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए पहचान सत्यापित की जाएगी। सत्यापन पूरा होने के बाद राशन कार्ड में निर्धारित मात्रा के अनुसार चावल मशीन से प्राप्त किया जा सकेगा।

इससे उचित मूल्य दुकानों पर लगने वाली लंबी कतार, भीड़ और समय की बाध्यता कम होने की उम्मीद है। कामकाजी लोगों, बुजुर्गों और श्रमिकों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है।

24 घंटे और सातों दिन मिलेगी सुविधा

‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हितग्राही 24×7 अपनी सुविधा के अनुसार खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। यानी राशन दुकान के निर्धारित समय में पहुंचने की बाध्यता कम होगी।

2500 किलो चावल रखने की क्षमता

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इन ग्रेन एटीएम में लगभग 2500 किलोग्राम चावल भंडारित किया जा सकता है। मशीन में चावल की लोडिंग स्वचालित प्रणाली से होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन निर्धारित मात्रा में चावल वितरित करेगी।

तकनीक आधारित इस व्यवस्था से राशन वितरण में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और वितरण प्रक्रिया की निगरानी एवं पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ से भी जुड़ी सुविधा

ग्रेन एटीएम को ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ व्यवस्था से भी जोड़ा गया है। इसके चलते छत्तीसगढ़ के पात्र राशनकार्डधारियों के साथ दूसरे राज्यों के पात्र हितग्राही भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।

यह सुविधा विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों और दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले पात्र परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होगी।

2.73 करोड़ लोग खाद्य सुरक्षा के दायरे में

छत्तीसगढ़ में करीब 2.73 करोड़ लोग खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में हैं। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं। इनमें 73.41 लाख प्राथमिकता वाले परिवारों को निःशुल्क चावल तथा लगभग 8.50 लाख एपीएल राशन कार्डधारियों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है।

इतनी बड़ी आबादी तक खाद्यान्न पहुंचाने वाली व्यवस्था में ग्रेन एटीएम जैसी तकनीक के इस्तेमाल से राशन वितरण प्रणाली को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की उम्मीद है।

एटीएम की तर्ज पर बदलेगी राशन वितरण व्यवस्था

जिस तरह बैंकिंग क्षेत्र में एटीएम ने लंबी कतारों और समय की बाध्यता को कम किया, उसी तरह ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ राशन वितरण व्यवस्था में भी सुविधा और समय की बचत का नया विकल्प बन सकता है। यदि इसका विस्तार प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में होता है तो आने वाले समय में राशन दुकानों पर लगने वाली भीड़ और कतारों की तस्वीर काफी हद तक बदल सकती है।Chhattisgarh Grain ATM, Anna Purti Grain ATM, छत्तीसगढ़ राशन, ग्रेन एटीएम, राशन एटीएम, PDS Chhattisgarh, वन नेशन वन राशन कार्ड, रायपुर ग्रेन एटीएम, दुर्ग ग्रेन एटीएम, बिलासपुर ग्रेन एटीएम

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