
रायपुर, 09 जुलाई 2026।
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बदलाव करते हुए आगामी शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी और संबंधित विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से 31 मार्च तक संचालित होगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
देश के प्रमुख शिक्षा बोर्डों की तर्ज पर लिया गया निर्णय
अब तक छत्तीसगढ़ में शैक्षणिक सत्र 16 जून से 30 अप्रैल तक संचालित होता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत इसे समाप्त कर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य राज्य की शिक्षा प्रणाली को देश के अन्य प्रमुख शिक्षा बोर्डों और संस्थानों के अनुरूप बनाना है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों का बेहतर समन्वय हो सके और विद्यार्थियों को पूरे वर्ष व्यवस्थित अध्ययन का अवसर मिले।
ग्रीष्मकालीन अवकाश में नहीं होगा कोई बदलाव
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि पूर्ववत रहेगी। विद्यार्थियों को हर वर्ष 1 मई से 15 जून तक गर्मी की छुट्टियां मिलती रहेंगी। यानी केवल शैक्षणिक सत्र की शुरुआत और समाप्ति की तिथियों में बदलाव किया गया है, छुट्टियों में किसी प्रकार की कटौती नहीं होगी।
सत्र के पहले ही दिन मिलेंगी किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल
नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि हर वर्ष 1 अप्रैल को शाला प्रवेश उत्सव आयोजित किया जाएगा। इसी दिन विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण, सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिलों का वितरण, स्कूल यूनिफॉर्म सहित अन्य छात्रहितैषी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को सत्र के आरंभ से ही सभी आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी।
शिक्षण व्यवस्था होगी अधिक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण
राज्य सरकार का मानना है कि नए शैक्षणिक कैलेंडर से विद्यालयों में पढ़ाई समय पर शुरू होगी और शुरुआती महीनों में किताबों, गणवेश तथा अन्य आवश्यक सामग्री की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। इससे शिक्षण कार्य अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से संचालित हो सकेगा तथा विद्यार्थियों का शैक्षणिक समय भी बेहतर तरीके से उपयोग हो सकेगा।
राज्यभर के स्कूलों में लागू होगी नई व्यवस्था
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2027-28 से पूरे राज्य में लागू होगी। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि 1 अप्रैल से नई प्रणाली के तहत बिना किसी व्यवधान के शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन शुरू किया जा सके।

