

चिकित्सा, शिक्षा और अन्य पारिवारिक जरूरतों के लिए डिजिटल माध्यम से मिलेगा त्वरित वित्तीय सहयोग
रायपुर, 7 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय कर्मचारियों को आकस्मिक वित्तीय जरूरतों से राहत देने के लिए एक अभिनव पहल की है। जुलाई 2026 से कर्मचारियों के लिए ई-कोष (e-Kosh) पोर्टल के माध्यम से वेतन के विरुद्ध बिना ब्याज अल्पावधि ऋण (Short Term Credit) योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र शासकीय कर्मचारी चिकित्सा, बच्चों की शिक्षा सहित अन्य पारिवारिक एवं आकस्मिक जरूरतों के लिए त्वरित वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
साहूकारों और महंगे बैंक ऋण से मिलेगी राहत
राज्य सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरतों के समय निजी साहूकारों अथवा अधिक ब्याज दर वाले बैंक ऋण पर निर्भर होने से बचाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शासकीय सेवकों के हित में इस योजना को महत्वपूर्ण कदम बताया है। वेतन के विरुद्ध मिलने वाला यह अल्पावधि ऋण कर्मचारियों के लिए बिना ब्याज उपलब्ध कराया जाएगा।
पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पेपरलेस
वित्त विभाग द्वारा संचालित इस योजना को ई-कोष प्रणाली के साथ एकीकृत किया गया है। कर्मचारी को ऋण लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने या लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पेपरलेस, पारदर्शी और सुरक्षित रखी गई है।
ऋण की राशि का भुगतान कर्मचारी के खाते में किया जाएगा तथा इसकी वसूली मासिक किस्तों के रूप में सीधे वेतन से की जाएगी। सरकार के अनुसार, योजना के संचालन से राज्य के खजाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
ई-कोष पोर्टल से ऐसे कर सकेंगे आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए शासकीय कर्मचारी ई-कोष पोर्टल के Employee Corner में जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के दौरान e-KYC, डिजिटल प्रमाणीकरण और आवश्यक सहमति की प्रक्रिया भी ऑनलाइन पूरी होगी। पात्रता पूरी होने पर ऋण राशि कर्मचारी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और डिजिटल सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत
सरकार का कहना है कि यह योजना आकस्मिक चिकित्सा खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य तात्कालिक पारिवारिक जरूरतों के समय कर्मचारियों के लिए उपयोगी साबित होगी। इससे कर्मचारियों को वित्तीय संकट के समय सम्मानजनक और त्वरित सहायता मिल सकेगी।
राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल से शासकीय सेवकों को आर्थिक तनाव से राहत मिलने के साथ उनका मनोबल भी बढ़ेगा और वे अधिक निश्चिंत होकर अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

