Friday, October 30, 2026
HomeChhattisgarhकचंदा पंचायत में नाली निर्माण की गुणवत्ता पर जिला पंचायत ने जताई...

कचंदा पंचायत में नाली निर्माण की गुणवत्ता पर जिला पंचायत ने जताई आपत्ति, सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा

जिला पंचायत सक्ती के पत्र में गुणवत्ताहीन निर्माण और मनरेगा कार्य में जेसीबी के उपयोग का उल्लेख, ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग उठाई

कचंदा/जैजैपुर (सक्ती)। ग्राम पंचायत कचंदा में नाली निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा सरपंच पीतर लाल चौहान के खिलाफ की गई शिकायत पर जिला पंचायत सक्ती ने जांच के बाद निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने का उल्लेख किया है। जिला पंचायत के पत्र क्रमांक 4818, दिनांक 19 अगस्त 2026 के अनुसार, नाली निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन पाया गया तथा मनरेगा कार्य में मजदूरों के स्थान पर जेसीबी मशीन से खुदाई कराए जाने का मामला भी सामने आया है।

जिला पंचायत के पत्र में अनियमितताओं का उल्लेख

कार्यालय जिला पंचायत सक्ती द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। वहीं मस्टर रोल में मजदूरों के कार्य करने का उल्लेख होने के बावजूद मौके पर जेसीबी मशीन से मिट्टी की खुदाई कराए जाने की बात जांच में सामने आई। पत्र के अनुसार, सरपंच द्वारा प्रस्तुत जवाब भी असंतोषप्रद पाया गया।

इन तथ्यों के आधार पर संबंधित प्रकरण को छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत नियमानुसार कार्रवाई के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को भेजा गया है।

तकनीकी जांच में भी सामने आई निर्माण संबंधी खामियां

ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उप अभियंता द्वारा 1 अक्टूबर और 15 अक्टूबर 2026 को किए गए तकनीकी निरीक्षण के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि शाखा नहर से उचित लाल चौहान की बाड़ी की ओर नाली निर्माण मौके पर मौजूद नहीं मिला। वहीं बद्री चंद्रा के खेत से बोराई नदी की ओर बनाई गई नाली कई स्थानों पर टूटी हुई पाई गई। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 08 में सूचना पटल के बिना सीसी रोड निर्माण कराए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों का कहना है कि जांच में अनियमितताएं सामने आने और प्रकरण कार्रवाई के लिए भेजे जाने के बावजूद अब तक सरपंच के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए तथा पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने सरपंच को पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत पद से पृथक करने, अनियमितता से संबंधित राशि की धारा 92 के तहत नियमानुसार वसूली करने तथा जांच पूरी होने तक ग्राम पंचायत के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले में शीघ्र निर्णय लेकर शासकीय राशि के दुरुपयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

स्रोत: ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए जिला पंचायत सक्ती के पत्र एवं तकनीकी जांच प्रतिवेदन।

CG NEWS HUB | हमर छत्तीसगढ़ हमर खबर

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments