

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक बार फिर दुनिया की नजरें एक बेहद अहम समुद्री मार्ग बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर टिक गई हैं। ईरान की ओर से इसे बंद करने की धमकी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
क्या है बाब अल-मंदेब?
बाब अल-मंदेब एक संकरा जलडमरूमध्य (Strait) है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है।
यह उत्तर-पूर्व में यमन और दक्षिण-पश्चिम में जिबूती व इरिट्रिया के बीच स्थित है।
अपने सबसे संकरे हिस्से में इसकी चौड़ाई लगभग 29 किलोमीटर है।
क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
यह जलमार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री रास्तों में से एक है।
वैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग 10% यहीं से गुजरता है
️ दुनिया के करीब 5% तेल व्यापार की आवाजाही इसी रास्ते से होती है
⚡ यूरोप, एशिया और अफ्रीका को जोड़ने वाला प्रमुख शिपिंग रूट
यानी अगर यह रास्ता बंद होता है, तो जहाजों को अफ्रीका के लंबे रास्ते (केप ऑफ गुड होप) से जाना पड़ेगा, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ेंगे।
⚠️ ईरान की धमकी और खतरा
मौजूदा हालात में ईरान ने इस जलमार्ग को बंद करने की चेतावनी दी है।
इस क्षेत्र में ईरान समर्थित हूती विद्रोही सक्रिय हैं
उनके पास मिसाइल और ड्रोन क्षमता होने से शिपिंग पर खतरा बढ़ गया है
पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है
अगर बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य दोनों प्रभावित होते हैं, तो:
दुनिया की 25% तक ऊर्जा सप्लाई बाधित हो सकती है
तेल की कीमतों में भारी उछाल
वैश्विक महंगाई और सप्लाई चेन संकट
दुनिया पर क्या होगा असर?
अगर यह जलमार्ग बंद होता है तो असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा:
भारत, चीन, यूरोप और अमेरिका तक तेल सप्लाई प्रभावित
शिपिंग लागत बढ़ने से हर चीज महंगी
वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर सीधा दबाव
吝 निष्कर्ष
बाब अल-मंदेब सिर्फ एक जलमार्ग नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की “लाइफलाइन” है। इसे बंद करने की कोई भी कोशिश पूरी दुनिया में आर्थिक संकट खड़ा कर सकती है। इसलिए इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापार दोनों के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा बन चुका है।

