

रायपुर, 23 जून 2026। छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में वैज्ञानिक अन्वेषण के दौरान हीरों की प्राप्ति हुई है, जिससे प्रदेश में खनिज संपदा, निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा किए गए परीक्षण में लगभग 200 टन बल्क सैंपल के प्रसंस्करण के बाद कुल 5 हीरे प्राप्त हुए हैं, जिनका कुल वजन 1.22 कैरेट है। इनमें दो जेम क्वालिटी तथा तीन अन्य श्रेणी के हीरे शामिल हैं। यह उपलब्धि क्षेत्र में हीरा खनिजीकरण की संभावनाओं की पुष्टि करती है और भविष्य में बड़े पैमाने पर निवेश, राजस्व सृजन एवं रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए अत्यंत उत्साहजनक बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ की आर्थिक क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण, पारदर्शी प्रबंधन और मूल्य संवर्धन आधारित औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है। अब हीरा संभावनाओं की पुष्टि से प्रदेश की खनिज विविधता और अधिक समृद्ध होगी तथा खनिज आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रारंभिक चरण में प्राप्त यह सफलता भविष्य में विस्तृत अन्वेषण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। आगामी सर्वेक्षणों और परीक्षणों से क्षेत्र की वास्तविक खनिज क्षमता का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक से प्राप्त हीरों को सुरक्षित अभिरक्षा में पन्ना स्थित एनएमडीसी के स्ट्रांग रूम में रखा गया है तथा आगे की कार्यवाही वैज्ञानिक मानकों एवं नियमानुसार की जाएगी।

