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बाकी मोंगरा। भारतीय जनता पार्टी बाकी मोंगरा मंडल द्वारा भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर मंगलवार को शिव मंदिर प्रांगण, सोमवारी बाजार रोड, बाकी मोंगरा में “बलिदान दिवस” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा जम्मू-कश्मीर के भारत में पूर्ण विलय हेतु उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व मंडल अध्यक्ष अजीत कैवर्त के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उन्होंने “एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर राष्ट्र को नई दिशा प्रदान की। उनके विचार और आदर्श आज भी देशवासियों को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।
इस दौरान महिला मोर्चा जिला मंत्री हेमा शर्मा एवं मंडल महामंत्री अनीता राजपूत ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी चिंतन, त्याग और बलिदान को स्मरण किया तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पूर्व मंडल अध्यक्ष अजीत कैवर्त, हनुमान पांडे, अश्वनी साहू, पार्षद लोकनाथ तंवर, हेम सिंह, गौरी केवट, अनीता राजपूत, रुकेश पासवान, संजय दास, आशा राम कैवर्त सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में माधुरी कैवर्त ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने सभी उपस्थित जनों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा राष्ट्र सेवा के उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में महिला शक्ति की उल्लेखनीय सहभागिता रही। हेमा शर्मा, अनीता राजपूत, कविता यादव, गौरी केवट, माधुरी केवट, निर्मला दीवान, उर्मिला राठौर, माला झा, लता चौहान, कमल कुमारी सहित अनेक महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
बलिदान दिवस कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, संगठनात्मक एकजुटता एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों के प्रति श्रद्धा और संकल्प का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर संपन्न हुआ।


