

नई दिल्ली, 7 जुलाई। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक गरिमामय समारोह में डूरंड कप 2026 की ट्रॉफियों का अनावरण किया और उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने टूर्नामेंट से जुड़े सभी पूर्व एवं वर्तमान अधिकारियों तथा खिलाड़ियों को बधाई देते हुए इसे देश की फुटबॉल प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि डूरंड कप देश के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है, जिसने वर्षों से अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी के लिए कुछ नई टीमें भी प्रतिस्पर्धा करेंगी, जिनमें श्रीलंका की एक टीम भी शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीमों के शामिल होने से इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की लोकप्रियता और बढ़ेगी।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि फुटबॉल दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है और यह उत्कृष्टता, एकता तथा खेल भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर फुटबॉल खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन करोड़ों खेल प्रेमियों को प्रेरित करता है और यह खेल लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य करता है।
राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि भारत को फुटबॉल में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डूरंड कप जैसे प्रतिष्ठित आयोजन युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने और भारतीय फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि खेल भावना केवल मैदान तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह जीवन में समानता, सहयोग और विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ रहने की प्रेरणा देती है। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में देशवासी भी फुटबॉल टीम की तरह एकजुट होकर कार्य करेंगे और राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

