
रायपुर, 13 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में 50-50 एमबीबीएस सीटों वाले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इससे प्रदेश में एक साथ 250 नई एमबीबीएस सीटों का इजाफा होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसे प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा सशक्त और समावेशी स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है, जहाँ प्रदेश का कोई भी युवा डॉक्टर बनने के अवसर से वंचित न रहे और नागरिकों को बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज़ के शहरों पर निर्भर न होना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित गीदम (दंतेवाड़ा) से लेकर आदिवासी क्षेत्र कुनकुरी (जशपुर) तक मेडिकल कॉलेजों की स्थापना इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार विकास को प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुँचा रही है। इन संस्थानों से दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा मिलेगी और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नए मेडिकल कॉलेज केवल शिक्षा के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि चिकित्सा अनुसंधान, विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय मानव संसाधन विकास के प्रमुख संस्थान बनेंगे। इससे प्रदेश में डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार होगी और ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

