Friday, August 7, 2026
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ढाई वर्षों में 17.82 लाख श्रमिकों को मिला योजनाओं का लाभ, श्रमिक कल्याण में छत्तीसगढ़ ने बनाई नई पहचान

रायपुर:

रायपुर, 7 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में श्रम विभाग ने पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और सुशासन के माध्यम से श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ सरल और तेज़ी से पहुंचाने का कार्य किया है।

राज्य में संगठित, असंगठित एवं निर्माण श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए विभिन्न श्रम कल्याण मंडलों के माध्यम से 67 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। श्रमिकों के पंजीयन, आवेदन एवं हितलाभ वितरण को आसान बनाने के लिए विभाग ने “श्रमेव जयते” वेबसाइट एवं मोबाइल एप विकसित किया है, जिससे श्रमिक अब ऑनलाइन पंजीयन और विभिन्न सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर रहे हैं।

सभी 33 जिलों में श्रम कार्यालय

श्रम विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए पांच नए जिलों में श्रम अधिकारी कार्यालय स्थापित करने के लिए 20 नए पदों का सृजन किया है। वर्तमान में राज्य के सभी 33 जिलों में श्रम कार्यालय संचालित हो रहे हैं। श्रम कानूनों में किए गए महत्वपूर्ण संशोधनों के तहत महिला श्रमिकों के लिए रात्रिकालीन कार्य की सुविधा, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट, फैक्ट्री लाइसेंस अवधि में वृद्धि तथा दुकानों एवं स्थापना अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन जैसे निर्णय लागू किए गए हैं।

12.65 लाख नए श्रमिकों का पंजीयन

1 जनवरी 2024 से 30 जून 2026 के बीच लगभग 12.65 लाख नए श्रमिकों का पंजीयन किया गया। इसी अवधि में 17.82 लाख श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया, जिन पर 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई। निर्माण श्रमिकों को लगभग 780 करोड़ रुपये तथा असंगठित श्रमिकों को 187 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। हितलाभ वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली लागू की गई है।

24×7 मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र

राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन कार्यरत है। साथ ही प्रदेशभर में मोबाइल शिविरों के माध्यम से श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और आवेदन संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के श्रमिकों को भी सुविधाएं उनके क्षेत्र में उपलब्ध हो रही हैं।

महिला श्रमिकों और परिवारों को विशेष लाभ

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत आवास सहायता राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 1.60 लाख से अधिक महिला श्रमिकों को मातृत्व सहायता प्रदान की गई है। शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसके अलावा श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, मेधावी शिक्षा सहायता एवं निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग जैसी योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है, जिससे हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिला है।

श्रमिक कल्याण में नई पहचान

राज्य सरकार का कहना है कि श्रमिक कल्याण को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से लागू की गई योजनाओं, तकनीकी नवाचार, सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था के कारण छत्तीसगढ़ ने श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। पिछले ढाई वर्षों की उपलब्धियां केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लाखों श्रमिक परिवारों के जीवन में विश्वास, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की नई शुरुआत का प्रतीक हैं।

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