बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में विकास कार्यों को लेकर पार्षदों के बीच नाराजगी खुलकर सामने आई है। नगर पालिका परिषद की पार्षद एवं पीआईसी सदस्य अमिला पटेल सहित अन्य पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि 23 अगस्त 2026 तक उपेक्षित वार्डों में विकास कार्यों को लेकर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो 24 अगस्त से नगर पालिका परिषद का अनिश्चितकालीन घेराव एवं तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा।
पार्षदों द्वारा दिए गए पत्र में कहा गया है कि नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में लंबे समय से सड़क, नाली, बिजली एवं पानी जैसी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं। आरोप है कि नगर पालिका के पास पर्याप्त फंड होने के बावजूद कुसमुंडा क्षेत्र के वार्डों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं।
इन मुद्दों को लेकर जताई गई नाराजगी
1. वार्ड क्रमांक 18 से 30 तक सड़क की बदहाली का मुद्दा
पत्र में वार्ड क्रमांक 18 से 30 तक सड़कों की बदहाल स्थिति का उल्लेख करते हुए विकास कार्यों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
2. नालियों की सफाई और निर्माण में अनदेखी का आरोप
नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में नाली की बदहाली, सफाई एवं निर्माण कार्यों को लेकर भी पार्षदों ने नाराजगी जताई है।
3. बिजली एवं स्ट्रीट लाइट की समस्या
वार्ड क्रमांक 18 से 30 तक बिजली और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नई लाइट लगाने तथा पुरानी लाइटों की रिपेयरिंग की मांग की गई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि इस दिशा में नगर पालिका द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
4. कुसमुंडा क्षेत्र के यात्री प्रतीक्षालयों की बदहाली
कुसमुंडा क्षेत्र में यात्री प्रतीक्षालयों की बदहाल स्थिति का उल्लेख करते हुए उनके उचित रखरखाव, नवीनीकरण एवं उन्हें व्यवस्थित और सुसज्जित किए जाने की मांग की गई है।
5. बिजली-पानी की समस्याओं पर जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप
पत्र में आरोप लगाया गया है कि वार्डों की बिजली और पानी की समस्याओं को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा दी गई जानकारी को कर्मचारियों द्वारा नजरअंदाज किया जाता है तथा मनमानी की जाती है।
6. कुसमुंडा क्षेत्र में पानी की समस्या
पत्र के अनुसार कुसमुंडा क्षेत्र में पानी की एकमात्र सुविधा टेप नल के रूप में है, जिसमें प्रतिदिन टंकी में पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है। पार्षदों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि द्वारा समस्या से अवगत कराने के बाद भी नगर पालिका स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं की गई।
7. विकास निधि के असमान उपयोग का आरोप
पार्षदों ने जोनल एवं विभिन्न मदों से प्राप्त फंड के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कुछ विशेष वार्डों में करोड़ों रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं, जबकि कुसमुंडा क्षेत्र के वार्डों में एक रुपये का भी विकास कार्य नहीं कराया जा रहा है। इसे उन्होंने वार्डों के बीच भेदभाव की स्थिति बताया है।
8. पीआईसी सदस्यों की उपेक्षा का आरोप
पत्र में पीआईसी सदस्यों के साथ उपेक्षित व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि उनके विभाग से संबंधित कार्यक्रमों में उन्हें शामिल नहीं किया जाता, सूचना नहीं दी जाती तथा उन्हें मान-सम्मान नहीं दिया जाता।
23 अगस्त तक निरीक्षण और कार्रवाई की मांग
पार्षदों ने नगर पालिका परिषद से मांग की है कि विकास कार्यों से उपेक्षित सभी वार्डों का 23 अगस्त 2026 तक निरीक्षण कराकर तत्काल आवश्यक विकास कार्य शुरू किए जाएं तथा पीआईसी की बैठक बुलाकर संबंधित विषयों पर कार्रवाई की जाए।
पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय तक उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 24 अगस्त 2026 से नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा का घेराव एवं तालाबंदी आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से किया जाएगा। पत्र में इस आंदोलन की समस्त जवाबदेही मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं जिला प्रशासन की होने की बात कही गई है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक प्रेमचंद पटेल, कलेक्टर कोरबा, पुलिस अधीक्षक कोरबा, अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा, नगर पालिका अध्यक्ष बांकीमोंगरा तथा थाना प्रभारी बांकीमोंगरा सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।
ज्ञापन पर पार्षदों एवं पीआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं, जिनमें अमिला पटेल, गायत्री कंवर, श्रवण कुमार दिलीप दास , ,एल्डरमैन जितेन्द्र कुमार सिंह ,देव प्रसाद यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल हैं।



