कटघोरा/कोरबा। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा अपने अल्प प्रवास के दौरान कोरबा जिला पहुंचे। वापसी के दौरान उन्होंने व्यवहार न्यायालय कटघोरा में कुछ समय रुककर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ता संघ कटघोरा के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं से मुलाकात की।

इस अवसर पर अधिवक्ता संघ कटघोरा की ओर से मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा सहित उनके साथ पहुंचे रजिस्ट्रार जनरल, प्रधान जिला न्यायाधीश, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य शैलेंद्र दुबे एवं छत्तीसगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र पाराशर का आत्मीय स्वागत किया गया।
कुटुंब न्यायालय की समस्या से कराया अवगत
मुलाकात के दौरान अधिवक्ता संघ कटघोरा ने क्षेत्र की विभिन्न न्यायिक समस्याओं और आवश्यकताओं से मुख्य न्यायाधीश को अवगत कराया। प्रमुख रूप से कुटुंब न्यायालय कटघोरा के लिंक कोर्ट का मुद्दा रखा गया। अधिवक्ताओं ने बताया कि वर्तमान में कुटुंब न्यायालय का लिंक कोर्ट महीने में केवल 10 से 12 दिन ही संचालित होता है, जबकि यहां लंबित प्रकरणों की संख्या काफी अधिक है। इसके कारण पक्षकारों को समय पर न्याय मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
अधिवक्ता संघ की इस समस्या को मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने गंभीरता से लेते हुए कटघोरा में कुटुंब न्यायालय के नियमित एवं स्थायी संचालन को शीघ्र अनुमति प्रदान करने की बात कही। इस निर्णय से क्षेत्र के पक्षकारों और अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
लेबर कोर्ट और एट्रोसिटी कोर्ट की मांग भी रखी
अधिवक्ता संघ द्वारा कटघोरा में लेबर कोर्ट, एट्रोसिटी कोर्ट सहित अन्य न्यायिक सुविधाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं भी मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखी गईं। मुख्य न्यायाधीश ने इन मांगों पर भी गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण किए जाने का आश्वासन दिया।
मुख्य न्यायाधीश के इस संक्षिप्त प्रवास के दौरान न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं के साथ हुई चर्चा को कटघोरा में न्यायिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

