Friday, September 11, 2026
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नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, हर मापदंड पर दिखे ठोस सुधार : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

एफआईआर और चार्जशीट के ऑनलाइन प्रेषण, ई-साक्ष्य, नाफिस तथा ई-समन के त्वरित क्रियान्वयन पर विशेष जोर

रायपुर, 7 सितंबर 2026। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने नवीन आपराधिक कानूनों के त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक त्वरित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। इसके लिए कानूनों में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं।

नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में गृह मंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड पर छत्तीसगढ़ की बेहतर स्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने डैशबोर्ड के प्रत्येक मापदंड की बिंदुवार समीक्षा करते हुए राज्य की रैंकिंग में और सुधार के लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप जुलाई माह से राज्य की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

एफआईआर से न्यायालय तक की प्रक्रिया हो त्वरित

उप मुख्यमंत्री ने कार्यात्मक दक्षता के मापदंड में सुधार के लिए एफआईआर और चार्जशीट सीधे ऑनलाइन माध्यम से न्यायालय तक भेजने की व्यवस्था शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे विवेचना से लेकर विचारण तक की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा।

उन्होंने सभी थानों को नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) और ई-साक्ष्य के उपयोग के लिए तकनीकी एवं कार्यात्मक रूप से शीघ्र तैयार करने को कहा। साथ ही ई-समन जारी होने के बाद उसकी त्वरित तामील और निर्धारित समय-सीमा में चार्जशीट ऑनलाइन न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को मजबूत करने के निर्देश दिए।

लंबित अधिसूचनाएं शीघ्र जारी करने के निर्देश

श्री शर्मा ने प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत आवश्यक अधिसूचनाओं और प्रक्रियात्मक व्यवस्थाओं को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों के साथ मैदानी स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना भी जरूरी है। तभी नए आपराधिक कानूनों का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाया जा सकेगा।

राज्य स्तरीय कठिनाइयों के समाधान पर चर्चा

बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों के साथ सीसीटीएनएस और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के क्रियान्वयन में आ रही राज्य स्तरीय कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री ने बीपीआरडी, एनसीआरबी और एनआईसी के अधिकारियों के साथ तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक समाधान पर विचार-विमर्श किया।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विषयों पर केंद्रीय स्तर से सहयोग अथवा तकनीकी समाधान की आवश्यकता है, उन पर संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय कर शीघ्र निराकरण कराया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में और बेहतर प्रदर्शन कर सके।

क्या है एनसीएलआई डैशबोर्ड?

नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित केंद्रीकृत डिजिटल मंच है। इसके माध्यम से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के देशभर में क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है।

बैठक में महानिदेशक एनसीआरबी श्री अमित गर्ग, महानिदेशक बीपीआरडी श्री आलोक मित्तल, प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारिक, गृह सचिव सुश्री नेहा चंपावत एवं श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, मेडिको-लीगल नोडल अधिकारी, अभियोजन अधिकारी तथा एनसीआरबी एवं एनआईसी के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

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