नई दिल्ली ,
राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह–2026 (द्वितीय चरण) में 7 सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, 12 उत्तम युद्ध सेवा पदक और 56 अति विशिष्ट सेवा पदक प्रदान
नई दिल्ली, 29 जून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह–2026 (द्वितीय चरण) में भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना तथा भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के कुल 105 अधिकारियों और कर्मियों को विशिष्ट एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सैन्य अलंकरण प्रदान किए। समारोह में देश की सुरक्षा, सैन्य नेतृत्व, युद्धक तैयारियों तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर 7 सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक (SYSM), 30 परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), 12 उत्तम युद्ध सेवा पदक (UYSM) तथा 56 अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) प्रदान किए। ये सम्मान उन सैन्य अधिकारियों और कर्मियों को दिए गए जिन्होंने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन असाधारण नेतृत्व, उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ किया।
सर्वोच्च युद्ध सेवा सम्मान पाने वाले अधिकारी
समारोह में सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित होने वाले सात अधिकारियों में लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, एयर मार्शल नागेश कपूर, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती, वाइस एडमिरल संजय जसजीत सिंह (सेवानिवृत्त), एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी (सेवानिवृत्त) तथा एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) शामिल रहे। इन अधिकारियों को अभियान संबंधी परिस्थितियों में उत्कृष्ट नेतृत्व और विशिष्ट सैन्य सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
30 अधिकारियों को मिला परम विशिष्ट सेवा पदक
देश के दूसरे सबसे प्रतिष्ठित शांतिकालीन सैन्य सम्मान परम विशिष्ट सेवा पदक से कुल 30 वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इनमें नौसेना के एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, वाइस एडमिरल संजय वत्सायन, वाइस एडमिरल अजय कोछर, सेना के लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल वीरेश प्रताप सिंह कौशिक, लेफ्टिनेंट जनरल माइकल एंथनी जूड फर्नांडीज, लेफ्टिनेंट जनरल नवनीत सिंह सरना, लेफ्टिनेंट जनरल रशिम बाली, लेफ्टिनेंट जनरल मनीष मोहन एरी, लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही, लेफ्टिनेंट जनरल धीरेंद्र सिंह कुशवाहा, लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी’कुन्हा, लेफ्टिनेंट जनरल प्रीत पाल सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। वायुसेना के एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, एयर मार्शल तेजिंदर सिंह और एयर मार्शल सीथेपल्ली श्रीनिवास को भी इस सम्मान से नवाजा गया।
12 अधिकारियों को उत्तम युद्ध सेवा पदक
उत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित होने वालों में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, एयर मार्शल मनीष खन्ना, लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव, लेफ्टिनेंट जनरल राजन शरावत, लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस. पेंढारकर, लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल प्रसन्न किशोर मिश्रा, वाइस एडमिरल तरुण सोबती, एयर मार्शल प्रवीण केशव वोहरा, एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी, एयर कमोडोर प्रभात मलिक तथा ग्रुप कैप्टन कामरान नजीर शामिल हैं।
56 अधिकारियों और कर्मियों को अति विशिष्ट सेवा पदक
समारोह में सर्वाधिक 56 अधिकारियों और कर्मियों को अति विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया। इनमें सेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। सेना के कई लेफ्टिनेंट जनरल, मेजर जनरल और ब्रिगेडियर, नौसेना के वाइस एडमिरल और रियर एडमिरल, वायुसेना के एयर मार्शल और एयर वाइस मार्शल तथा भारतीय तटरक्षक बल के अतिरिक्त महानिदेशक डॉनी माइकल को यह सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा 9 असम रेजिमेंट के सूबेदार एच. होकातो सेमा को भी अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति ने कहा— सैनिकों का समर्पण राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित अधिकारियों और कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों और भारतीय तटरक्षक बल के जवानों का साहस, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इन अलंकरणों के माध्यम से राष्ट्र उन वीर सैनिकों और अधिकारियों के योगदान को सम्मानित करता है जिन्होंने देश की सुरक्षा, सामरिक तैयारियों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा में उत्कृष्ट भूमिका निभाई है।
समारोह में रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, तीनों सेनाओं के शीर्ष सैन्य अधिकारी, भारतीय तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी तथा सम्मानित अधिकारियों के परिजन भी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति भवन का दरबार हॉल इस अवसर पर सैन्य गरिमा और सम्मान के भाव से ओतप्रोत दिखाई दिया।
मुख्य बातें (हाइलाइट्स)
कुल 105 सैन्य अलंकरण प्रदान किए गए।
7 सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक प्रदान किए गए।
30 परम विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किए गए।
12 उत्तम युद्ध सेवा पदक प्रदान किए गए।
56 अति विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किए गए।
सेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारियों एवं कर्मियों को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति भवन में गरिमामय समारोह का आयोजन हुआ।


