
नई दिल्ली/जकार्ता। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इंडोनेशिया यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (आईआईएम बैंगलोर) इंडोनेशिया में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय परिसर स्थापित करेगा। यह परिसर इंडोनेशिया के मलंग स्थित सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में बनाया जाएगा और इससे पूरे आसियान क्षेत्र के विद्यार्थियों एवं युवा पेशेवरों को उच्च गुणवत्ता वाली प्रबंधन शिक्षा का लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल भारत की नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना और विश्वस्तरीय शिक्षा की पहुंच बढ़ाना है।
आईआईएम बैंगलोर का यह पहला विदेशी परिसर होगा। इससे पहले आईआईएम अहमदाबाद (दुबई), आईआईटी दिल्ली (अबू धाबी) और आईआईटी मद्रास (ज़ांज़ीबार) अपने अंतरराष्ट्रीय परिसरों की स्थापना कर चुके हैं। यह भारत की वैश्विक शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है।
पांच प्रमुख क्षेत्रों पर आधारित होगा पाठ्यक्रम
प्रस्तावित परिसर में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिसमें पांच प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा—
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं (Global Supply Chains)
- डिजिटल परिवर्तन (Digital Transformation)
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)
- जलवायु एवं स्थिरता (Climate & Sustainability)
- स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन (Healthcare Management)
इन कार्यक्रमों में उद्योग जगत के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के व्याख्यान एवं संवाद भी शामिल होंगे।
दो चरणों में शुरू होंगे कार्यक्रम
आईआईएम बैंगलोर का यह परिसर दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं और सरकारी क्षेत्र के पेशेवरों के लिए कार्यकारी शिक्षा (Executive Education) कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। पहले दो वर्षों के सफल संचालन के बाद दूसरे चरण में डिग्री प्रदान करने वाले प्रबंधन पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।
इस परियोजना का संचालन आईआईएम बैंगलोर और पीटी इंटेलीजेंसिया ग्रहतमा (PT IGT) के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत किया जाएगा, जो सिंघासारी एसईजेड की विकास इकाई है।
आसियान क्षेत्र के छात्रों को मिलेगा लाभ
यह परिसर मुख्य रूप से इंडोनेशिया के विद्यार्थियों के लिए होगा, लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों के छात्र भी यहां अध्ययन कर सकेंगे। साथ ही प्रतिभागियों को बेंगलुरु स्थित आईआईएम परिसर में शैक्षणिक भ्रमण का अवसर मिलेगा, जिससे वे भारत के नवाचार, उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम को करीब से जान सकेंगे।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
इस पहल से भारत और इंडोनेशिया के बीच शिक्षा, मानव संसाधन विकास और ज्ञान साझेदारी को नई गति मिलेगी। साथ ही इंडोनेशिया गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्रीय केंद्र के रूप में उभरेगा और भारत वैश्विक दक्षिण के लिए विश्वस्तरीय शिक्षा एवं नेतृत्व विकास का प्रमुख भागीदार बनेगा।

