
रायपुर, 12 जुलाई 2026। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर सरगुजा जिले में 11 से 18 जुलाई तक आयोजित होने वाले जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, छोटे परिवार के महत्व तथा जनसंख्या स्थिरता के प्रति लोगों को जागरूक करेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि स्वस्थ परिवार ही समृद्ध समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या स्थिरता केवल जनसंख्या नियंत्रण का विषय नहीं, बल्कि माताओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और संतुलित सामाजिक विकास से जुड़ा व्यापक अभियान है। उन्होंने लोगों से परिवार नियोजन अपनाने और बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतर रखने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि राज्य शासन स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। परिवार नियोजन से जुड़े सभी आवश्यक साधन और सेवाएं सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों और भ्रांतियों से दूर रहकर वैज्ञानिक एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि छोटा, स्वस्थ और शिक्षित परिवार आत्मनिर्भर समाज की आधारशिला है। जनसंख्या स्थिरता से मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और कुपोषण जैसी समस्याओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, युवाओं और मीडिया से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
जिलेभर में चलेंगे जागरूकता अभियान
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को ने बताया कि पखवाड़े के दौरान जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों, ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में परिवार नियोजन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों के उपयोग को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इच्छुक दंपत्तियों को निःशुल्क परामर्श के साथ कॉपर-टी, गर्भनिरोधक गोलियां, कंडोम सहित अन्य साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। आवश्यकता अनुसार स्थायी एवं अस्थायी परिवार नियोजन सेवाएं भी दी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि बच्चों के जन्म के बीच पर्याप्त अंतर रखने से माता और शिशु दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है तथा परिवार अपने बच्चों की शिक्षा और भविष्य पर बेहतर ध्यान दे सकता है।
घर-घर पहुंचेगा परिवार नियोजन का संदेश
अभियान के तहत सही उम्र में विवाह, पहले बच्चे के जन्म में उचित अंतराल और दो बच्चों के बीच पर्याप्त समय रखने के विषय पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मैदानी स्वास्थ्य अमला चिन्हांकित हितग्राहियों के घर-घर जाकर परामर्श देगा और प्रचार सामग्री एवं गर्भनिरोधक साधनों का वितरण करेगा। पुरुष नसबंदी और महिला बंध्याकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से सास-बहू सम्मेलन आयोजित कर महिलाओं और परिवारों को परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी.एस. मार्को, डॉ. ओ.पी. प्रसाद, जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

