
रायपुर, 04 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रक्रिया को गति दे दी है। सरकार ने इस विषय पर व्यापक अध्ययन, कानूनी समीक्षा और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति ने अब प्रदेश के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, विधि विशेषज्ञों, राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों से 15 अक्टूबर 2026 तक सुझाव और अभिमत आमंत्रित किए हैं।
सरकार का उद्देश्य ऐसा कानून तैयार करना है जो धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक अधिकारों और दायित्वों का ढांचा उपलब्ध कराए। इसके लिए समिति विभिन्न पक्षों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर विस्तृत प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार करेगी।
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनी समिति
राज्य सरकार द्वारा गठित 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री शत्रुघ्न सिंह, श्री एम.के. राऊत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार तथा सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती ज्योति रानी सिंह सदस्य के रूप में शामिल हैं।
समिति को छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की आवश्यकता, उसके स्वरूप और वर्तमान व्यक्तिगत सिविल कानूनों की समीक्षा का दायित्व सौंपा गया है।
विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे विषयों पर होगा अध्ययन
समिति राज्य की वर्तमान कानूनी व्यवस्था का गहन अध्ययन करेगी और विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा दत्तक ग्रहण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक और संतुलित सुझाव तैयार करेगी।
इसके अलावा समिति अन्य राज्यों में लागू समान नागरिक संहिता के मॉडल का अध्ययन करेगी तथा आम जनता और विभिन्न संगठनों से प्राप्त सुझावों को भी ड्राफ्ट में शामिल करेगी। इसके आधार पर समिति राज्य सरकार को विधायी एवं प्रशासनिक अनुशंसाओं सहित अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।
जनभागीदारी पर विशेष जोर
राज्य सरकार चाहती है कि UCC जैसे महत्वपूर्ण विषय पर समाज के सभी वर्गों की राय शामिल हो। इसी उद्देश्य से समिति ने सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, धार्मिक समुदायों, विधि विशेषज्ञों और आम नागरिकों से अपने सुझाव भेजने की अपील की है।
सुझाव 15 अक्टूबर 2026 तक ई-मेल, वेब पोर्टल अथवा डाक के माध्यम से भेजे जा सकते हैं।
डाक पता:
कार्यालय, समान नागरिक संहिता समिति
न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन
कमरा नंबर-202
रायपुर, छत्तीसगढ़ – 492001
क्या है समान नागरिक संहिता (UCC)?
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना है। वर्तमान में विभिन्न धर्मों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। UCC लागू होने पर इन विषयों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अगला UCC राज्य
सरकारी जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड इस व्यवस्था को लागू करने वाला पहला राज्य रहा है। इसके बाद गोवा में पहले से समान नागरिक व्यवस्था प्रभावी है तथा गुजरात, असम और मध्य प्रदेश ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं। अब छत्तीसगढ़ भी समान नागरिक संहिता लागू करने की प्रक्रिया में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
व्यापक विमर्श के बाद बनेगा अंतिम प्रारूप
विशेषज्ञों का मानना है कि समान नागरिक संहिता सामाजिक और कानूनी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में राज्य सरकार सभी वर्गों की राय लेकर व्यापक सहमति के आधार पर कानून का प्रारूप तैयार करना चाहती है। समिति को प्राप्त सुझावों का परीक्षण करने के बाद अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर आगे की विधायी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

