Friday, September 11, 2026
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राज्यपाल के हाथों सम्मानित होंगी रायगढ़ की दो शिक्षिकाएं

नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता के लिए ओमकुमारी पटेल एवं आरती साहू का चयन

रायपुर, 4 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले की दो शिक्षिकाएं श्रीमती ओमकुमारी पटेल एवं श्रीमती आरती साहू राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित होंगी। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षण, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामुदायिक सहभागिता के लिए दोनों शिक्षिकाओं के सम्मान की घोषणा वर्ष 2025 में की गई थी। 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल के हाथों उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

वर्तमान में दोनों शिक्षिकाएं विकासखंड पुसौर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं।

नवाचार और समर्पण से शिक्षा को बनाया प्रभावी

श्रीमती ओमकुमारी पटेल ने 27 जून 2009 को शिक्षक के रूप में सेवा शुरू की। उनकी पहली पदस्थापना प्राथमिक शाला हिरीं, सारंगढ़ में हुई। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने गतिविधि आधारित शिक्षण, शिक्षण-अधिगम सामग्री और नवाचारी पद्धतियों के माध्यम से बच्चों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और रचनात्मकता विकसित करने पर जोर दिया।

वर्ष 2013 में शासकीय प्राथमिक शाला शंकरपाली, पुसौर में पदस्थापना के बाद उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा दिया। उनके मार्गदर्शन में सत्र 2019-20 में विद्यार्थी निखिल साहू का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ।

कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण दौर में भी उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से बच्चों की पढ़ाई जारी रखी तथा उन्हें डिजिटल शिक्षा से जोड़े रखा। उत्कृष्ट एवं नवाचारी शिक्षण कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 2020 में ‘शिक्षा दूत पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

विद्यालय विकास को सामाजिक दायित्व मानते हुए उन्होंने समुदाय के सहयोग से हरित परिसर, स्वच्छता अभियान और विद्यालय उन्नयन जैसे कार्यों को आगे बढ़ाया। जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन के बीच बच्चों की शिक्षा निरंतर बनाए रखने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

माताओं की सहभागिता से शिक्षा में आया सकारात्मक बदलाव

श्रीमती आरती साहू ने 30 जून 2009 को शिक्षक के रूप में सेवा प्रारंभ की। स्नातकोत्तर (वाणिज्य), छत्तीसगढ़ी भाषा, बी.एड. और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की योग्यता रखने वाली श्रीमती साहू वर्तमान में शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

वे शिक्षण-अधिगम सामग्री, रचनात्मक गतिविधियों और गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों को रोचक एवं नवाचारी शिक्षा प्रदान कर रही हैं। विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय और एकलव्य विद्यालय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के साथ खेलकूद, योग-व्यायाम, स्वच्छता, नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान देती हैं।

उनकी प्रमुख पहल ‘माता उन्मुखी कार्य’ रही है। उन्होंने घर-घर संपर्क कर बच्चों के लिए लर्निंग कॉर्नर तैयार करवाए और माताओं को विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा। माताओं को कहानी सुनाने, शिक्षण सामग्री तैयार करने, स्थानीय त्योहार सामूहिक रूप से मनाने और समर कैंप जैसी गतिविधियों में सहभागी बनाया गया।

इस पहल से बच्चों की शिक्षा के प्रति माताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ी और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। समर कैंप के माध्यम से बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा और उपयोगी कौशलों से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।

रायगढ़ जिले के लिए गौरव का अवसर

दोनों शिक्षिकाओं ने शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखते हुए नवाचार, सामुदायिक सहभागिता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जोड़ा है। राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए उनका चयन उनके समर्पण और उत्कृष्ट शिक्षकीय कार्यों की पहचान है। 5 सितंबर को राज्यपाल के हाथों मिलने वाला यह सम्मान दोनों शिक्षिकाओं के साथ-साथ रायगढ़ जिले के लिए भी गौरव का अवसर है।

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