Friday, September 11, 2026
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छत्तीसगढ़ की शिक्षिका सुनीता यादव को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026

नवाचार, तकनीक और संवेदनशीलता से प्राथमिक शिक्षा को दी नई दिशा, राष्ट्रीय सम्मान के लिए प्रदेश से एकमात्र चयन

रायपुर, 4 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है कि राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव का चयन किया गया है। वे इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए प्रदेश से चयनित एकमात्र शिक्षिका हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में उन्हें प्रशस्ति पत्र, शाल और चेक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

बरमकेला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिचरी में पदस्थ सुनीता यादव ने शिक्षा को नवाचार, साहित्य और तकनीक से जोड़कर बच्चों के सीखने को सरल एवं रोचक बनाया है। वे विशेष रूप से कक्षा में पीछे रहने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करती हैं।

तकनीक और रचनात्मकता से पढ़ाई को बनाया आसान

सुनीता यादव बच्चों को दीक्षा एप, स्टोरीवीवर, ऑडियो बुक, पॉडकास्ट और लघु फिल्मों के माध्यम से पढ़ाती हैं। बच्चों और स्वयं के अभिनय वाली लघु फिल्मों के जरिए कठिन विषयों को सहज तरीके से समझाने की उनकी पहल को विशेष पहचान मिली है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में प्राथमिक विद्यालयों में हुए बदलावों पर शोध पत्र भी तैयार किया है।

बच्चों के पोषण और शिक्षा पर विशेष ध्यान

बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर भी वे संवेदनशील हैं। जरूरतमंद बच्चों के लिए अपने खर्च से नियमित दूध उपलब्ध कराने के साथ ही न्योता भोजन के लिए लोगों को प्रेरित करती हैं। इसके अलावा बिलासपुर जिले में आदिवासी बच्चों के लिए आयोजित नि:शुल्क समर कैंप में भी उन्होंने अध्यापन किया है।

शिक्षा के साथ साहित्य और समाजसेवा में भी सक्रिय

सुनीता यादव को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए वर्ष 2024 में राज्य शिक्षक सम्मान तथा वर्ष 2025 में पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण से सम्मानित किया जा चुका है। वे शिक्षा के अलावा साहित्य और समाजसेवा से भी जुड़ी हुई हैं। प्रकृति संरक्षण के लिए सीड बॉल निर्माण और सैनिकों के लिए राखियां बनाने जैसे सामाजिक कार्यों में भी उनकी सक्रिय सहभागिता रही है।

सुनीता यादव का राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चयन उनके समर्पण, नवाचार और संवेदनशील शिक्षण का परिणाम है। उनकी उपलब्धि ने न केवल प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है, बल्कि छत्तीसगढ़ को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

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