

कोरबा, 9 जून। जिले में 10 जून से 15 अक्टूबर तक रेत खनन और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के तहत मानसून अवधि में जिले की सभी 18 स्वीकृत रेत खदानें बंद रहेंगी। प्रतिबंध समाप्त होने के बाद 16 अक्टूबर से पुनः खनन कार्य शुरू किए जा सकेंगे।
बारिश के मौसम में नदियों और नालों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि में किसी भी प्रकार का रेत उत्खनन या परिवहन नहीं किया जा सकेगा। अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी दल भी सक्रिय रहेंगे।
निर्माण कार्यों की बढ़ी चिंता
रेत खनन बंद होने से जिले में चल रहे निर्माण कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे मकानों और निजी निर्माण कार्यों के लिए रेत की उपलब्धता चुनौती बन सकती है। कई हितग्राहियों ने समय पर सामग्री नहीं मिलने की चिंता जताई है।
निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो अगले चार महीनों तक कई परियोजनाओं की गति धीमी पड़ सकती है।
प्रशासन सख्त, अवैध खनन पर रहेगी नजर
जिला खनिज विभाग के अनुसार एनजीटी की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। प्रतिबंध अवधि में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए लगातार जांच और कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी नियमों का पालन करने की अपील की है।

