प्रणय मिश्रा

कोरबा। छत्तीसगढ़ मजदूर शक्ति संघ, जिला कोरबा ने मिनीमाता महतारी जतन योजना में कथित फर्जीवाड़े के मामले में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए श्रम विभाग को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने आरोप लगाया है कि योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक पूर्ण कार्रवाई नहीं की गई।
संघ के जिला अध्यक्ष नीलेश कुमार साहू द्वारा सहायक श्रमायुक्त, श्रम विभाग को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्व में भी इस मामले की शिकायत की गई थी तथा विभाग द्वारा जांच और वसूली के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद अभी तक सभी मामलों में न तो राशि की वसूली हुई है और न ही दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा कथित हितग्राहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
ज्ञापन के अनुसार, विभाग द्वारा चिन्हित 50 संदिग्ध मामलों में से अब तक केवल 21 मामलों में ही आंशिक वसूली और कार्रवाई की गई है, जबकि शेष मामलों में कार्रवाई लंबित है। संगठन ने आरोप लगाया कि फर्जी प्रमाण-पत्रों के माध्यम से योजना का लाभ लेकर शासन को नुकसान पहुंचाया गया है।
छत्तीसगढ़ मजदूर शक्ति संघ ने मांग की है कि शेष सभी मामलों में तत्काल वसूली की जाए, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो कोरबा जिले के श्रमिकों के साथ श्रम कार्यालय का घेराव कर उग्र जनआंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी श्रम विभाग और जिला प्रशासन की होगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि श्रम आयुक्त, कलेक्टर कोरबा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

