


कोरबा, 25 जून। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2023 के चुनावी घोषणा-पत्र में मितानिनों से किए गए वादों को पूरा कराने की मांग को लेकर गुरुवार को कोरबा में मितानिनों का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के आह्वान पर जिले भर से हजारों मितानिनें घंटाघर चौक में एकत्रित हुईं और एक दिवसीय सांकेतिक धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
धरना प्रदर्शन के बाद मितानिनों ने घंटाघर चौक से कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकाली। हजारों महिलाओं की अनुशासित और शांतिपूर्ण रैली ने पूरे शहर का ध्यान आकर्षित किया। सड़क पर दूर-दूर तक केवल मितानिनों का जनसमूह दिखाई दे रहा था। इस ऐतिहासिक रैली की चर्चा पूरे शहर में होती रही और नागरिकों ने भी इसकी भव्यता को सराहा।
कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद मितानिनों ने पूर्ण अनुशासन और संयम का परिचय देते हुए लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर मितानिन प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि मितानिनों की मांगों को मुख्यमंत्री तक शीघ्र पहुंचाया जाएगा, जिससे उनकी समस्याओं पर सकारात्मक विचार किया जा सके।
ज्ञापन में मितानिनों ने वर्ष 2023 के चुनावी घोषणा-पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की मांग करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविलियन, मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि, ठेका प्रथा समाप्त करने तथा 24 वर्षों की सेवा के आधार पर वन-टाइम रिलैक्सेशन प्रदान करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
मितानिनों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी टकराव का नहीं, बल्कि अपने अधिकारों, सम्मान और वर्षों की निस्वार्थ सेवा के उचित मूल्यांकन के लिए है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार अपने चुनावी वादों का सम्मान करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर हजारों मितानिनों को न्याय प्रदान करेगी।

