
नई दिल्ली, 29 जून 2026। केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल की बिक्री एवं वितरण पर लगाए गए अस्थायी नियामक प्रतिबंधों को 1 जुलाई 2026 से समाप्त करने का निर्णय लिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के खुदरा पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री पहले की तरह सामान्य रूप से होगी।
मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद सरकार ने खुदरा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों को स्थिर रखा। इससे खुदरा और थोक ईंधन कीमतों में बड़ा अंतर पैदा हो गया, जिसके कारण कई औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं ने खुदरा पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदना शुरू कर दिया। इससे जमाखोरी, हेराफेरी और कालाबाजारी जैसी समस्याएं सामने आईं।
इसी स्थिति से निपटने के लिए 12 जून 2026 को सरकार ने अस्थायी प्रतिबंध लागू किए थे। इसके तहत खुदरा पेट्रोल पंपों पर प्रति ग्राहक या वाहन प्रतिदिन 200 लीटर डीजल की सीमा तय की गई थी तथा औद्योगिक, संस्थागत और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को निर्दिष्ट उपभोक्ता पंपों से ही ईंधन लेने के निर्देश दिए गए थे।
सरकार ने बताया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की ताजा समीक्षा के बाद अब ईंधन की उपलब्धता सामान्य हो चुकी है और पर्याप्त भंडार मौजूद है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए इन अस्थायी प्रतिबंधों की आवश्यकता समाप्त हो गई है। इसलिए 12 जून 2026 का आदेश 1 जुलाई 2026 से वापस लिया जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि इन अस्थायी उपायों से खुदरा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने, कालाबाजारी पर रोक लगाने और पूरे देश में पेट्रोल एवं डीजल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने में सफलता मिली। अब प्रतिबंध हटाए जाने से ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने का मार्ग प्रशस्त होगा।

