

वन मंत्री के निर्देश पर वन विभाग की त्वरित कार्रवाई, कटघोरा वनमंडल के ग्राम छिंदिया में सफल रहा अभियान
रायपुर, 31 जुलाई 2026। कटघोरा वनमंडल के केंदई परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम छिंदिया में कुएँ में गिरे एक भालू को लगभग 15 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद वन विभाग ने सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल में छोड़ दिया। यह अभियान वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर संवेदनशीलता, धैर्य और सुनियोजित रणनीति के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस के सहयोग से कुएँ के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी। रेस्क्यू के दौरान पूरे क्षेत्र में शांत वातावरण बनाए रखा गया ताकि भालू बिना किसी तनाव के बाहर निकल सके।
जेसीबी और बाँस की सीढ़ी से बनाई गई सुरक्षित राह
कुएँ की अधिक गहराई के कारण शुरुआती प्रयास सफल नहीं हो सके। इसके बाद वन विभाग ने जेसीबी मशीन की मदद से कुएँ के एक हिस्से में ढलाननुमा रास्ता तैयार कराया और कुएँ के भीतर मजबूत बाँस की सीढ़ी उतारी गई। इस रणनीति से भालू के लिए बाहर निकलने का सुरक्षित मार्ग तैयार किया गया।
रात 9:30 बजे खुद बाहर निकला भालू
वन विभाग की योजना सफल रही और रात करीब 9:30 बजे भालू सीढ़ी और ढलान का सहारा लेकर स्वयं कुएँ से बाहर निकल आया तथा सुरक्षित रूप से पास के जंगल की ओर चला गया। भालू के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की साँस ली।
अधिकारियों और ग्रामीणों का रहा अहम योगदान
रेस्क्यू अभियान वनमंडलाधिकारी कटघोरा श्री कुमार निशांत के निर्देशन तथा उप वनमंडलाधिकारी श्री संजय कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान में वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री अभिषेक कुमार दुबे, वनपाल श्री शारदा प्रसाद शर्मा, श्री मंगल सिंह नायक, वनरक्षक श्री गंगाराम नेताम, श्री अशोक कुमार श्रीवास, श्री मुरारी लाल साहू, श्री प्रहलाद सिदार, हाथी मित्र दल के श्री संदीप उइके और श्री भोला यादव सहित स्थानीय ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी कुएँ, गड्ढे या किसी अन्य स्थान पर फँस जाए तो उसे स्वयं बचाने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें। साथ ही, खुले कुओं के चारों ओर सुरक्षा दीवार या मजबूत घेरा बनाकर इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता है।

