प्रणय मिश्रा बम्हनी डीह जांजगीर

परम पूज्य डॉ. श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के श्रीमुख से होगा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन
बम्हनीडीह/चांपा। धर्म और आध्यात्मिकता की नगरीय वातावरण को भक्तिमय बनाने के लिए जयपुरिया परिवार, बम्हनीडीह, चांपा, कोरबा एवं रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 13 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण परम पूज्य डॉ. श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज होंगे, जो प्रतिदिन अपने श्रीमुख से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे।
कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। आयोजन की शुरुआत 13 सितंबर को सुबह 10 बजे कलश शोभायात्रा के साथ होगी। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा कथा स्थल पहुंचेगी, जहां विधिवत कथा का शुभारंभ किया जाएगा।
अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की अमृतवाणी सुनने उमड़ेंगे श्रद्धालु
श्रीमद्भागवत कथा के दौरान डॉ. श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज अपनी मधुर एवं प्रभावशाली वाणी के माध्यम से भगवान की विभिन्न लीलाओं, भक्तों के चरित्र और धर्म के गूढ़ संदेशों को श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। आयोजन सामग्री के अनुसार उनके माध्यम से कथा में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश दिया जाएगा।
सात दिनों तक चलने वाली कथा में श्रीमद्भागवत के अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसमें परीक्षित महाराज एवं शुकदेव आगमन, ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद चरित्र, गजेन्द्र मोक्ष, वामनावतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, नन्दोत्सव, बाललीला, माखनचोरी, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग, रुक्मणी विवाह तथा सुदामा चरित्र प्रमुख रहेंगे।
13 सितंबर से कथा का शुभारंभ
13 सितंबर, रविवार को प्रथम दिवस देवप्रबोध, परीक्षित महाराज एवं शुकदेव आगमन का प्रसंग सुनाया जाएगा।
14 सितंबर, सोमवार को विराट स्वरूप वर्णन एवं श्री ध्रुव चरित्र होगा।
15 सितंबर, मंगलवार को प्रह्लाद चरित्र एवं गजेन्द्र मोक्ष का प्रसंग होगा।
16 सितंबर, बुधवार को वामनावतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नन्दोत्सव मनाया जाएगा।
17 सितंबर, गुरुवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखनचोरी, गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग का आयोजन होगा।
18 सितंबर, शुक्रवार को रुक्मणी विवाह महोत्सव एवं सुदामा चरित्र का वर्णन होगा।
19 सितंबर, शनिवार को विभिन्न आध्यात्मिक प्रसंगों के साथ कथा का विराम होगा।
धार्मिक जीवन के साथ सेवा का संदेश भी
आयोजन सामग्री में डॉ. श्री अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के जीवन और सेवा कार्यों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार उनका जन्म 27 सितंबर 1989 को मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के रिंझा गांव में हुआ। बचपन से ही धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में उनका पालन-पोषण हुआ तथा भगवान की भक्ति और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि रही।
परिचय के अनुसार उन्होंने श्रीधाम वृंदावन में वैद, पुराण एवं शास्त्रों का अध्ययन किया तथा रामानुजाचार्य संप्रदाय के संत पूज्य श्री गिर्राज जी महाराज से दीक्षा प्राप्त की। गुरु कृपा और साधना के माध्यम से उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
आयोजन सामग्री में उनके सेवा कार्यों का भी उल्लेख है, जिसमें जरूरतमंदों को भोजन-प्रसाद उपलब्ध कराने तथा मातृशक्ति एवं असहाय वर्ग के लिए सेवा कार्य किए जाने की जानकारी दी गई है।
धर्मप्रेमियों से कथा श्रवण करने की अपील
जयपुरिया परिवार ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से 13 से 19 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की श्रीमुख वाणी से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक रूप से विशेष अवसर होगा। कथा के दौरान भक्तों को धर्म, भक्ति, संस्कार और सेवा का संदेश प्राप्त होगा।

