मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण प्रारंभ
राष्ट्रीय प्रशिक्षक ने दी विस्तृत जानकारी, 1 से 30 मई तक चलेगा प्रथम चरण
कोरबा, 25 फरवरी 2026/ भारत सरकार के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए जिले में जिला स्तरीय प्रशिक्षण का शुभारंभ आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुआ। प्रारंभिक सत्र को संबोधित करते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि जनगणना अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसे सटीक जानकारी के आधार पर तय समय-सीमा में पूर्ण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कलेक्टर ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों से कहा कि जनगणना से जुड़े सभी दिशा-निर्देश लिखित रूप में उपलब्ध हैं और प्रशिक्षण के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से जानकारी दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण, डेटा संग्रहण एवं कलेक्शन सहित सभी प्रक्रियाओं में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण से फील्ड में कार्य सुगम और प्रभावी होगा। सभी अधिकारी टीमवर्क के साथ प्रत्येक घर तक पहुंचकर सही एवं सटीक जानकारी दर्ज करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि ग्रामीणों को यह जानकारी दी जाए कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का किसी योजना की पात्रता या अपात्रता से कोई संबंध नहीं है तथा व्यक्तिगत डेटा पूर्णतः गोपनीय रहेगा।
जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग ने भी अधिकारियों से आग्रह किया कि प्रशिक्षण में दी जा रही प्रत्येक जानकारी को गंभीरता से ग्रहण कर उसे फील्ड में प्रभावी ढंग से लागू करें।
जनगणना निदेशालय के संयुक्त निदेशक एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक अशोक मिश्रा ने जनगणना 2027 के प्रथम एवं द्वितीय चरण की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जनगणना की अवधारणा, कानूनी प्रावधान, कोष प्रबंधन, जनशक्ति, प्रचार-प्रसार, प्रक्रियाएं, सीएमएमएस मॉड्यूल, उपयोगकर्ता पंजीकरण तथा मोबाइल ऐप के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया।
राष्ट्रीय प्रशिक्षक ने बताया कि प्रगणकों के लिए अलग मोबाइल ऐप तथा आम नागरिकों के लिए अलग ऐप उपलब्ध होगा। नागरिकों द्वारा भरी गई जानकारी अधिकृत प्रगणक के सत्यापन के बाद ही मान्य होगी। जनगणना के लिए अधिकृत वेबसाइट पर क्षेत्रवार प्रगणकों की जानकारी (नाम, पता एवं मोबाइल नंबर सहित) उपलब्ध रहेगी। एआई चैटबॉट के माध्यम से नागरिक अपनी शंकाओं का समाधान भी प्राप्त कर सकेंगे।
छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण की जनगणना 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित होगी, जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी। संपूर्ण प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक पूर्ण की जाएगी।
जिले में जनगणना कार्य हेतु मानव संसाधन के रूप में 2353 प्रगणक (246 रिजर्व), 402 पर्यवेक्षक (52 रिजर्व) तथा 53 फील्ड ट्रेनर की आवश्यकता होगी।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री ओंकार यादव, उप संचालक श्री मोहन सिंह कँवर, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी, जिला एनआईसी अधिकारी श्री हेमंत जायसवाल सहित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।




