Tuesday, July 28, 2026
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मन की बात  135 कड़ी में पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत, जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और अंधविश्वास उन्मूलन का दिया संदेश,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के नवीनतम संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत, राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और भारतीय संस्कृति जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जून माह में भारत ने रक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। भारतीय नौसेना में पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय को शामिल किया गया। साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ के तहत निर्मित C-295 विमान की पहली उड़ान और DRDO द्वारा स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण को देश की आत्मनिर्भरता की बड़ी उपलब्धि बताया।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि इस वर्ष दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित हुए। अहमदाबाद में आयोजित विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत ने 114 पदक, जिनमें 102 स्वर्ण पदक शामिल हैं, जीतकर पहला स्थान प्राप्त किया।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री ने देशवासियों द्वारा उनकी अपील पर दिए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोगों ने सोने की खरीद टाली, विदेश यात्राएं स्थगित कीं, कार पूलिंग अपनाई और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर राष्ट्रहित में जिम्मेदारी निभाई।

प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नांदेड़ के पेठकर परिवार की सराहना की, जिसने विवाह समारोह के अवसर पर गांव के लगभग 3,500 लोगों का दुर्घटना बीमा कराया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की उपलब्धियों का भी उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक लोगों से इन योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता का संदेश देते हुए असम में दुर्लभ ‘हरगिला’ पक्षी के संरक्षण के लिए पूर्णिमा देवी बर्मन और ‘हरगिला आर्मी’ के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तर्क के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।

युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए नागालैंड की ‘बेबी लीग’ और ‘वीमेन फुटसल लीग’ की सराहना करते हुए उन्होंने खेलों को बेहतर भविष्य का माध्यम बताया। वहीं नालंदा विश्वविद्यालय में शास्त्रार्थ की परंपरा को पुनर्जीवित करने और सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस में बीटेक पाठ्यक्रम शुरू करने को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का उत्कृष्ट संगम बताया।

प्रधानमंत्री ने डोमिनिकन रिपब्लिक में भारतीय संस्कृति और वैदिक मंत्रों के प्रचार-प्रसार में जुटे ‘ब्रह्मकमल डोमिनिकाना’ समूह के प्रयासों की भी सराहना की।

मेघालय के जीवित ‘रूट ब्रिज’ को भारत की अनूठी प्राकृतिक धरोहर बताते हुए उन्होंने इनके संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका की प्रशंसा की और बताया कि भारत ने इन्हें यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन किया है।

उन्होंने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में महिलाओं द्वारा प्लास्टिक कचरे से इको-ब्रिक्स बनाकर शहर को सुंदर बनाने के अभियान को प्रेरणादायक बताया।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने आगामी गणेश उत्सव के लिए लोगों से प्लास्टर ऑफ पेरिस की बजाय देश की मिट्टी से बनी स्थानीय कारीगरों की मूर्तियां खरीदने का आग्रह किया। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ को मजबूत बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वर्षा जल संचयन अभियान ‘कैच द रेन’ को निरंतर जारी रखने की अपील की।

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