
नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026। देश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए ‘मानस’ (MANAS – मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र) को एक मजबूत राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब आम नागरिक नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और अवैध खेती जैसी गतिविधियों की गोपनीय सूचना सीधे संबंधित एजेंसियों तक पहुंचा सकते हैं। साथ ही, नशे की लत से जूझ रहे लोगों को परामर्श और पुनर्वास सेवाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
गृह मंत्रालय के अंतर्गत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के सहयोग से 18 जुलाई 2024 को ‘मानस’ प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना और सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना है।
24 घंटे उपलब्ध है 1933 हेल्पलाइन
सरकार के अनुसार नागरिक राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1933 पर कॉल कर या आधिकारिक वेब पोर्टल, ई-मेल तथा UMANG ऐप के माध्यम से गोपनीय सूचना दे सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति नशे की लत से परेशान है, तो उसकी सहायता के लिए कॉल को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन 14446 से भी जोड़ा जाता है, जहां विशेषज्ञ परामर्श और पुनर्वास संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
हर सूचना पर होती है त्वरित कार्रवाई
‘मानस’ प्लेटफॉर्म पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत और सूचना का डिजिटल पंजीकरण किया जाता है। इसके बाद सूचना को संबंधित राज्य, केंद्र शासित प्रदेश या नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की क्षेत्रीय इकाई को तत्काल भेजा जाता है, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
देश में नशे की समस्या बनी चुनौती
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में मादक पदार्थों का सेवन एक गंभीर सामाजिक चुनौती बना हुआ है। वर्ष 2019 के राष्ट्रीय सर्वेक्षण के मुताबिक लगभग 16 करोड़ लोग शराब, 3.1 करोड़ लोग भांग तथा 2.26 करोड़ लोग ओपिओइड का सेवन करते हैं। ऐसे में नशे के खिलाफ जनजागरूकता और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तकनीक से मजबूत होगा नशा मुक्त भारत अभियान
सरकार ‘मानस’ प्लेटफॉर्म में लगातार नई डिजिटल सुविधाएं जोड़ रही है। बहुभाषी कॉल सेंटर, स्मार्ट आईवीआरएस, चैटबॉट और आधुनिक सूचना प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से इसे और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म देशभर में एनसीबी की क्षेत्रीय इकाइयों तथा राज्यों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ समन्वय स्थापित कर नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई में मदद कर रहा है।
नागरिकों से अपील
केंद्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री या अवैध खेती की जानकारी मिले तो वे बिना किसी डर के 1933 हेल्पलाइन या ‘मानस’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से सूचना दें। सरकार का कहना है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही ‘नशा मुक्त भारत’ का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

